डॉक्टरों की लापरवाही: डिलेवरी के बाद महिला के गर्भाशय में डॉक्टरों ने छोड़ा कपड़ा, छुट्‌टी के बाद घर पहुंची महिला तो बेहोश होकर गिर गई / डॉक्टरों की लापरवाही: डिलेवरी के बाद महिला के गर्भाशय में डॉक्टरों ने छोड़ा कपड़ा, छुट्‌टी के बाद घर पहुंची महिला तो बेहोश होकर गिर गई

इंदौर न्यूज: परिजन बोले- चार दिन तक मौत से लड़ी वो, एक लाख रुपए से ज्यादा इलाज में हो गए खर्च

Bhaskar News

Jan 14, 2019, 09:37 AM IST
Khargone News Doctors negligence in cases of woman delivery

खरगोन (एमपी)। जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में नार्मल डिलेवरी के मामलों में जानलेवा लापरवाही थम नहीं रही है। ताजा मामले में डॉक्टरों ने नार्मल डिलेवरी के दौरान महिला के गर्भाशय में कपड़ा छोड़ दिया। तीसरे दिन छुट्‌टी के बाद घर पहुंची महिला चक्कर खाकर बेहोश हो गई। इंदौर के निजी अस्पताल में चार दिन तक मौत से लड़ने के बाद जान बची। जांच में 52 गुना संक्रमण फैल गया। ऐसे मामलों में सामान्यत: सात गुना तक संक्रमण शरीर सहन कर पाती है।

दर्द की गोली लेकर घर लौटी महिला ने हर किसी को किया हैरान...


कल्चर एंड सेंसेटिव व सोनोग्राफी रिपोर्ट में खुलासा


रूपाली की कल्चर एंड सेंसेटिव रिपोर्ट मे खुलासा हुआ। डॉक्टरों ने 52 गुना संक्रमण बता दिया। ऐसे मामलों में आमतौर पर 6-7 प्रतिशत संक्रमण हो जाता है। इस केस में पल्स 170-180 रही। जबकि सामान्य मरीज की 90-100 तक होती है। गर्भाशय में बाहरी कपड़े के कारण दो तरह के बैक्टिरिया पनपे। पस सेल्स 10 से 12 ग्राम निकला। साथ ही सोनोग्राफी रिपोर्ट में 113 एनएल लिक्विड मिला।


टांके लगाने के बाद भूले कपड़ा निकालना


परिजन ने बताया- डिलेवरी के दौरान स्टाफ ने ब्लीडिंग के दौरान कपड़ा रखा। ब्लीडिंग रुकने के बाद टांके लगा दिए। उन्होंने कपड़ा गर्भाशय में ही छोड़ दिया। उसी दिन यह सामने आया था कि दो अन्य महिलाओं के गर्भाशय में भी कपड़ा छोड़ दिया था। उन्होंने भी डॉक्टरों की शिकायत की। तीनों मामलों की जांच होना चाहिए।


शिकायत पर डॉक्टर से स्टाफ तक ताने मारते हैं


मेटरनिटी वार्ड में सबसे ज्यादा मरीज आते हैं। यहां एक दिन में 30 से 40 महिलाएं भर्ती होती है। पांच से सात मामलों में लापरवाही व इलाज में देरी मिलती है। साथ ही मरीज के कारण कोई परिजन शिकायत भी नहीं करते हैं, क्योंकि यदि शिकायत हुई तो फिर डॉक्टर से लेकर स्टाफ तक उससे अभद्र व्यवहार व सहयोग नहीं कर ताने मारते हैं।

गंभीर मामला है, जांच करेंगे


गंभीर मामला है। संबंधित से सोमवार को मिलेंगे। जांच करेंगे। यदि कोई दोषी मिला तो कार्रवाई होगी।

- डॉ राजेंद्र जोशी, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल

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