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कृषि व बिजली विभाग के अफसर नहीं आए तो जिपं सदस्यों ने किया हंगामा

औपचारिक बन चुकी जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक सोमवार को हंगामा हो गया। क्योंकि बैठक में कृषि और बिजली विभाग के...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:45 AM IST
औपचारिक बन चुकी जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक सोमवार को हंगामा हो गया। क्योंकि बैठक में कृषि और बिजली विभाग के अफसर भी नहीं आए। वहीं केवल 7 सदस्य मौजूद थे। 1 बजे शुरू होने वाली बैठक 2.45 बजे शुरू हुई। हंगामा हुआ तो बैठक का बहिष्कार भी।

अतिरिक्त सीईओ केआर कानूडे ने बैठक में देरी के संबंध में बातें बनाना शुरू की तो सदस्यों ने कृषि व बिजली विभाग के अफसरों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई। जिला पंचायत सदस्य रणधीर कैथवास, दौलत पटेल सहित अन्य सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। इन्होंने नियमानुसार मासिक रूप से बैठक नहीं होने पर नाराजगी जताई। कहा किसानों की समस्याएं हैं। गांव में पीेने के लिए पानी नहीं है। इन मुद्दों पर जवाब देने के लिए अफसर ही नहीं हैं। बैठक की औपचारिकता की जा रही है। ऐसी बैठक करने का कोई मतलब ही नहीं हैं। दिनभर का नुकसान करके सदस्य आम लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए उपाय ढूंढने, अफसरों से जवाब लेने के लिए आए हैं, लेकिन बैठक में अफसर हैं ही नहीं। बार-बार आदेश होने के बावजूद गांवों में पानी की समस्या दूर नहीं हो रही। ऐसी बैठकों का मतलब ही नहीं है। बैठक का बहिष्कार करने में चंदाबाई प्यारेलाल, गंगाबाई प्रेमलाल भी शामिल रहीं।

जिला पंचायत में सभाकक्ष से बाहर आकर नाराजगी जताते हुए रणधीर कैथवास, दौलतराम सहित अन्य सदस्यगण।

और इधर, मंडी उपसंचालक ने दिए थे निर्देश, चौराहों पर धड़ल्ले से हो रही उपज खरीदी

गैर लाइसेंसी व्यापारियों पर कार्रवाई नहीं, एसडीएम को सूची सौंपी

मूंदी | उपमंडी में लाइसेंसी व्यापारी तो छह ही हैं लेकिन नगर में गैर लाइसेंसियों की संख्या दोगुना से अधिक है। गैर लाइसेंसी व्यापारी नगर के चौराहों और सड़कों पर किसानों को रोककर बेखौफ उपज खरीदी कर शासन को राजस्व की हानि पहुंचा रहे हैं। कई बार शिकायत के बाद भी इन पर मंडी प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई। मंडी बोर्ड उपसंचालक इंदौर के निर्देश के बाद भी उपमंडी प्रभारी कार्रवाई से बच रहे हैं। उन्होंने पुनासा एसडीएम को आठ गैर लाइसेंसी व्यापारियों की सूची सौंपकर पल्ला झाड़ लिया।

उपमंडी में खरीदी कर किसानों का रुपया लेकर फरार व्यापारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान पुनासा एसडीएम ने 14 मार्च को गैर लाइसेंसी व्यापारियों पर अंकुश लगाने के निर्देश उपमंडी प्रभारी को दिए थे। लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। एक माह बाद 8 व्यापारियों की सूची बनाकर एसडीएम को सौंप दी है। इस बीच गैर लाइसेंसी व्यापारी आज भी चौराहों पर निजी दुकानों पर धड़ल्ले से उपज खरीद रहे हैं। सूची सौंपने से किसान यह सवाल खड़े कर रहे हैं कि जब ऐसे व्यापारियों के नाम उपमंडी प्रशासन को ज्ञात है तो इन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इसका सीधा अर्थ यह है कि उपमंडी प्रभारी की इन व्यापारियों से मिलीभगत है। चार दिन पहले विधायक लोकेंद्रसिंह तोमर ने भी गैर लाइसेंसी व्यापारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन यह भी हवा में उड़ा दिए गए।

व्यापारियों की सूची सौंपी है

मूंदी उपमंडी प्रभारी राजेश शाह ने कहा गैर लाइसेंसी व्यापारियों की सूची एसडीएम ने मांगी थी। 8 व्यापारी चिह्नित कर सूची उन्हें सौंप दी है। कार्रवाई क्यों नहीं की के सवाल को वे किसान हड़ताल का बहाना कर टाल गए।

नगर के मुख्य मार्ग पर गैर लाइसेंसी व्यापारी द्वारा ट्रैक्टर रोककर उपज खरीदी जा रही है।

बार-बार पानी की समस्या बता रहे पर हल नहीं हो रही

पंधाना क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य चंदाबाई प्यारेलाल ने बताया बैठक में बार-बार पानी की समस्या उठाई, लेकिन अब तक हल नहीं हुई। अब तक उन्हें उद्घाटन, शिलान्यास कार्यक्रमों में भी नहीं बुलाया जाता। जनप्रतनिधियों की उपेक्षा की जा रही है। राजनीति की जा रही है।