• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Khandwa
  • News
  • पीएम की नजर में खंडवा पिछड़ा जिला, हाथ जोड़ता हूं, 1 माह में कुपोषण दूर करें
--Advertisement--

पीएम की नजर में खंडवा पिछड़ा जिला, हाथ जोड़ता हूं, 1 माह में कुपोषण दूर करें

भास्कर संवाददाता | छैगांव माखन हमारा जिला प्रधानमंत्री की नजर में आ गया है। वे सीधे मॉनीटरिंग कर रहे हैं। हमें...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 04:55 AM IST
पीएम की नजर में खंडवा पिछड़ा जिला, हाथ जोड़ता हूं, 1 माह में कुपोषण दूर करें
भास्कर संवाददाता | छैगांव माखन

हमारा जिला प्रधानमंत्री की नजर में आ गया है। वे सीधे मॉनीटरिंग कर रहे हैं। हमें अपने पिछड़े जिले को एक माह में कुपोषण से मुक्त करना है। मेरा आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि गांव के कुपोषित बच्चों की सूची बनाकर विभाग को दें। बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करें। पूरे माह उनके इलाज का ध्यान रखें। हमें एक माह में हर हाल में लक्ष्य हासिल कर कुपोषण का दाग मिटाना है।

नीति आयोग के तहत संस्थागत प्रसव व महिला बाल विकास विभाग द्वारा जनपद पंचायत सभाग्रह में आयोजित आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं की बैठक में यह आह्वान खंडवा एसडीएम संजीव पांडे ने किया। उन्होंने कहा गांव में जितने भी कुपोषित बच्चे हैं चाहे वह दो-चार हों या 10-15 की संख्या में, उनकी सूची बनाकर अपने विभाग के अफसर को दें। ताकि उनका समुचित इलाज शुरू किया जा सके। इस काम में पटवारी की मदद भी लें। कोई पालक यदि नहीं माने तो पटवारी जाकर समझाइश देकर बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराएंगे। कहीं भी कोई समस्या आए तो अपने अधिकारी को या मुझे भी बता सकते हैं। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से कहा आप यह तय कर लें गांव में एक भी प्रसव नहीं होना चाहिए। गर्भवती महिलाओं की सूची बनाएं और समय पर अस्पताल पहुंचाकर प्रसव कराएं। दाई के चक्कर में ना पड़ें। बैठक को तहसीलदार सत्यनारायण मालवीय, महिला बाल विकास अधिकारी नंदराम चौहान व जनपद सीईओ नीरज पाराशर ने भी संबोधित कर कुपोषण दूर करने के उपाय बताए। सुपरवाइजर रेखा पटेल, कांता कोचले, संगीता पाल, ज्योति पाटिल, दीपक दुबे व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।

खंडवा एसडीएम संजीव पांडे ने आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं से कुपोषण दूर करने का आग्रह किया।

...और इधर, 6 गांवों में नहीं खुल रही आंगनवाड़ी

पटाजन | जिला प्रशासन एक माह में कुपोषण को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य पर काम रहा है लेकिन आदिवासी ब्लाक खालवा के गांवों में आंगनवाड़ी केंद्रों पर कोई अंतर नहीं आया है। यहां पहले की तरह ही लापरवाही जारी है।

गुरुवार को पटाजन सेक्टर के करीब 6 गांवों के आंगनवाड़ी केंद्र खुले ही नहीं। इन केंद्रों पर बच्चे भी नहीं दिखे। सुबह 8 से 12 बजे तक इन केंद्रों पर नजर रखी गई लेकिन कार्यकर्ता व बच्चे दोनों ही नदारद थे। यह केंद्र सिराल्या, पिपल्या, फोटकपुरा, रन्हाई व पटाल्दा हैं। पटाल्दा में सहायिका ने बताया आज भोजन नहीं बनने से बच्चे नहीं आए। अंडे भी खराब हो गए। बच्चों को केंद्र ले भी आऊं तो खिलाऊं क्या। सहायिका अपने सेक्टर सुपरवाइजर का नाम तक नहीं बता सकी। सेक्टर सुपरवाइजर खंडवा से अप-डाउन करती हैं इस कारण वे केंद्रों की मॉनिटरिंग भी नहीं कर पाती हैं। केंद्रों पर कागजों में ही बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर पोषण आहार देने का खेल चल रहा है। कुछ दिन पहले ही कलेक्टर ने लंगोटी में कुपोषण को लेकर आदिवासी समाज को समझाइश दी थी। मंत्री विजय शाह भी लगातार गांव-गांव दौरा कर रहे हैं। इसके बावजूद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में कोई खौफ नहीं है। महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी हिमानी राठौर ने इस संबंध में कहा मैं पता करती हूं कार्यकर्ता क्यों नहीं है। आज भोजन क्यों नहीं बना इसकी भी जानकारी लेती हूं।

आंगनवाड़ी में ताला लगा है।

पीएम की नजर में खंडवा पिछड़ा जिला, हाथ जोड़ता हूं, 1 माह में कुपोषण दूर करें
X
पीएम की नजर में खंडवा पिछड़ा जिला, हाथ जोड़ता हूं, 1 माह में कुपोषण दूर करें
पीएम की नजर में खंडवा पिछड़ा जिला, हाथ जोड़ता हूं, 1 माह में कुपोषण दूर करें
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..