--Advertisement--

संस्कृत नाट्य परंपरा से 21 को रूबरू होंगे कलाप्रेमी

रंगकर्म की समृद्ध विरासत संजोए खंडवा में पिछले कुछ सालों से संस्कृत नाट्य प्रशिक्षण और मंचन की गतिविधियां भी...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 05:00 AM IST
संस्कृत नाट्य परंपरा से 21 को रूबरू होंगे कलाप्रेमी
रंगकर्म की समृद्ध विरासत संजोए खंडवा में पिछले कुछ सालों से संस्कृत नाट्य प्रशिक्षण और मंचन की गतिविधियां भी जारी हैं। इसी श्रृंखला में शहर के नाट्य और कलाप्रेमी एक बार फिर संस्कृत और भरत मुनि की नाट्य परंपरा से रूबरू हो सकेंगे। 1 मई से चल रही संस्कृत नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रशिक्षणार्थी 21 मई को गाैरीकुंज सभागृह में डॉ. राधावल्लभ त्रिपाठी द्वारा रचित संस्कृत नाटक ‘धीवरशाकुंतलम’ का मंचन करेंगे। नाटक की परिकल्पना और निर्देशन भोपाल के डॉ. देवेंद्र पाठक का है। कार्यशाला संस्कृत अकादमी मप्र संस्कृति परिषद द्वारा शहर के नट-निमाड़ कला समूह के सहयोग से कराई जा रही है। कार्यशाला के संयोजक रंगकर्मी विजय सोनी हैं। 21 मई को शाम 7 बजे से गौरीकुंज सभागृह में नाटक का मंचन होगा। मुख्य अतिथि विधायक देवेंद्र वर्मा रहेंगे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार गोविंद कुमार गुंजन करेंगे।

1 मई से चल रही संस्कृत नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रशिक्षणार्थी देंगे ‘धीवरशाकुंतलम’ नाटक की प्रस्तुति, गौरीकुंज में होगा मंचन

आंगिक, वाचिक, आहार्य और सात्विक अभिनय से परिचित हुए

संयोजक विजय सोनी और नट-निमाड़ कला समूह के अध्यक्ष शरद जैन ने बताया कार्यशाला में 16 से अधिक उम्र के प्रशिक्षणार्थी शामिल हो रहे हैं। 21 दिनी कार्यशाला में वे भरत मुनि की नाट्य परंपरा के साथ ही आंगिक, वाचिक, आहार्य और सात्विक अभिनय से परिचित हुए। कार्यशाला के सबसे छोटे प्रशिक्षणार्थी कक्षा 10वीं के शैलेंद्र सोनगरे और हर्षिता गाठे हैं। लायंस क्लब हॉल में सुबह 8 से 11 और शाम 4 से रात 8 बजे तक वे नाट्य प्रशिक्षण ले रहे हैं। नाट्य प्रस्तुति भरत मुनि की नाट्य परंपरा के अनुष्ठान अनुसार तैयार की गई है। प्रारंभ में बाधाओं को दूर रखने के लिए जर्जर पूजन, नांदी पाठ सहित अन्य अनुष्ठानों के बाद नाट्य मंचन शुरू होगा।

संस्कृत नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला में शामिल प्रशिक्षणार्थी।

नाटक में ये कलाकार दिखाएंगे प्रतिभा



X
संस्कृत नाट्य परंपरा से 21 को रूबरू होंगे कलाप्रेमी
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..