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1 लाख लोगों को मिलेंगे भूखंडधारी के प्रमाण पत्र, बना सकेंगे आवास

जिले में आबादी क्षेत्र में 59 साल से निवास कर रहे एक लाख लोगों को भूखंड धारक प्रमाण पत्र मिलेंगे। इन प्रमाण पत्रों...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:50 AM IST
जिले में आबादी क्षेत्र में 59 साल से निवास कर रहे एक लाख लोगों को भूखंड धारक प्रमाण पत्र मिलेंगे। इन प्रमाण पत्रों के आधार पर उन्हें सरकारी योजनाओं जैसे पीएम आवास और ऋण मिलेगा।

ऐसे लोग जिनके पास जमीन और मकान तो था लेकिन उसका पट्‌टा नहीं था। इस कारण उन्हें पीएम आवास और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा था। सरकार ने ऐसे लोगों को पट्‌टा देने का निर्णय लिया। सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 1959 से आबादी क्षेत्र में बसे लोगों को भूखंड धारक प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।

कलेक्टर अशोक वर्मा ने बताया केंद्र सरकार का 2022 तक सबको पक्का मकान (पीएम आवास) देने का सपना पूरा होगा। जिले में करीब 1 लाख से ज्यादा लोगों को प्रमाण पत्र मिलेंगे। खरगोन तहसीलदार डॉ. नरेंद्र बाबू यादव ने बताया खरगोन में 12 हजार 500 और गोगावां मे 4500 लोगों को प्रमाण पत्र मिलेंगे। इसकी तैयारियां पूरी हो गई है।

2022 तक का पीएम आवास का सपना पूरा होगा

तहसीलदार डॉ. यादव प्रमाण पत्र जांचते हुए।

पीएम आवास के लिए अफसरों ने पट्‌टा मांगा

बलवाड़ी के रामू मोत्या का परिवार 69.44 वर्गमीटर की जमीन पर 59 साल से ज्यादा समय से निवास कर रहे थे। अब सरकार ने उनका भूखंड प्रमाण पत्र बनाया है। रामू ने बताया पट्‌टा नहीं होने के कारण पीएम आवास का लाभ नहीं मिला है। पंचायत, तहसील और जनसुनवाई में पीएम आवास के लिए गुहरा लगाई तो उन्होंने खुद के नाम पर जमीन का पट्‌टा मांगा। पट्‌टा नहीं होने से सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा था। अब मंगलवार को पट्‌टा मिलने से आवास सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। रामू जैसे ही कई लोगों को पट्‌टे मिलेंगे।

150 लोगों को वनाधिकार पट्‌टे मिलेंगे

इसके अलावा वन भूमि पर निवास करने वाले 150 लोगों को वनाधिकार अधिनियम अंतर्गत वनाधिकार पट्टे बांटे जाएंगे। इसके अलावा नगरीय क्षेत्र में भूमिहीन 592 लोगों को पट्टे मिलेंगे। मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण 2018 के तहत जिले में 20297 हितग्राहियों को लाभांवित किया जाएगा।

तीर्थदर्शन योजना में आवेदन की आखिरी तारीख आज

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत रामेश्वरम् की यात्रा कराई जाएगी। यात्रा के लिए जिले को 233 यात्रियों का लक्ष्य मिला है। आवेदन के लिए 17 अप्रैल अंतिम तिथि है। यात्रा 2 मई को रवाना होगी और दर्शन कर 7 मई को लौटेगी।