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विवि सिर्फ परीक्षा केंद्र बने, नहीं है शिक्षा गुणवत्ता

प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक स्टॉफ की कमी के चलते अव्यवस्थाएं हो रही है। इसे लेकर अभाविप...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 05:05 AM IST
प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक स्टॉफ की कमी के चलते अव्यवस्थाएं हो रही है। इसे लेकर अभाविप ने गुरुवार को पीजी कॉलेज प्राचार्य आरएस देवड़ा को उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने कहा विश्वविद्यालय केवल परीक्षा केंद्र बने हैं। शिक्षा गुणवत्ता सुधार नहीं हो रहा है।

नगर मंत्री अभिषेक राठौड़, गौरव जोशी आदि ने बताया प्रदेश में संचालित विश्वविद्यालय मात्र परीक्षा केंद्र बने हैं। इनमें मूल्यांकन में पारदर्शिता, न्यायिकता एवं स्पष्टता की कमी है। सरकार अच्छी और गुणवत्ता युक्त शिक्षा की बात करती है, लेकिन विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक स्टॉफ की कमी से वार्षिक कैंलेंडर का पालन अथवा प्रवेश-परीक्षा और परिणाम समय पर घोषित नहीं होते। इसका मूल कारण रिक्त पदों की पूर्ति न होना। पांच बिंदुओं पर सौंपे ज्ञापन में पुनर्मूल्यांकन की एक स्थाई नीति बनाने, प्रवेश प्रक्रिया को सरल करने, शासकीय महाविद्यालयों में स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति, स्थायी खेल निर्देशकों की नियुक्ति आदि मांगें रखी हैं। अभाविप ने प्रदेश के नामजद विश्वविद्यालयों में खाली पदों की सूची सौंपी हैं।

अभाविप ने पांच सूत्रीय मांगों के लिए उच्च शिक्षा मंत्री के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा

पदाधिकारियों ने नारेबाजी कर प्राचार्य आरएस देवड़ा को ज्ञापन सौंपा।

रोजगार सहायकों का धरना, आज बूट पालिश करेंगे

खरगोन | नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे रोजगार सहायकों का धरना तीसरे दिन गुरुवार भी जारी रहा। टीआईटी कॉम्पलेक्स परिसर में बैठे कर्मचारियों ने एकजुट होकर नियमितिकरण न होने तक उठने का नारा लगाया। जिलाध्यक्ष विजय चौहान, प्रकाश राठौड़, राजेंद्र यादव, जीतू कर्मा आदि ने बताया जिले की सभी 594 पंचायतों में काम बंद हैं। शासन से कई बार आवेदन, निवेदन किया है। जायज मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान ध्यानाकर्षण के लिए विभिन्न गतिविधियां की जाएगी। इसमें शुक्रवार को राहगीरों के जूते पॉलिश कर विरोध करेंगे। हड़ताल से श्रमिक सत्यापन, पीएम आवास, मनरेगा, पेंशन आदि महत्वपूर्ण काम प्रभावित हो रहे हैं।

रोजगार सहायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।