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बुरहानपुर. प्रदेश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम से बुरहानपुर जिले के किसान भी पशोपेश में हैं। सरकार को लेकर संशय से उनमें घबराहट है, क्योंकि जिले के 20 हजार डिफॉल्टर किसानों का अब तक कर्जमाफ नहीं हो पाया है। वर्तमान हालात देखकर वे चिंतित हैं कि उनका कर्ज माफ होगा या नहीं। उनकी परेशानी यह है कि सरकार बदली तो कहीं जय किसान फसल ऋण माफी योजना ही बंद न हो जाए।
पिछले 14 महीने से कांग्रेस सरकार जिले के 18 हजार किसानों की कर्ज माफी का दावा कर रही है। जबकि किसान संगठनों का कहना है कि अब तक सिर्फ 20 से 25 फीसदी किसानों के खातों में ही राशि जमा हो पाई है। करीब 70 से 80 प्रतिशत किसानों का कर्ज माफ नहीं हो पाया है। इनमें से अधिकांश किसानों को सरकार से सिर्फ प्रमाण पत्र ही मिल पाए हैं। ऐसे में किसान संबंधित सोसायटी, बैंक और कृषि कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। कुछ किसान अफसरों से संपर्क कर समस्या बता रहे हैं लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
एक साल से कर रहे इंतजार, अब हो गए डिफॉल्टर
सुखपुरी के किसान शिवकुमार ने कहा हम 2 भाइयों का कर्ज माफ होना है। एक साल से इंतजार करते-करते हम डिफॉल्टर हो गए। जैनाबाद के किसान राजभाऊ प्रजापति ने कहा परिवार के 3 खातों में राशि आना थी लेकिन अब तक प्रमाण पत्र ही मिला है। खातों में राशि जमा होना चाहिए। निंबोला के किसान सतीश पटेल ने कहा योजना आने से पहले कभी डिफाल्टर नहीं हुए। सरकार बदली तो कर्ज माफ होगा या नहीं इसकी गारंटी कौन लेगा।
यह समस्या : डिफॉल्टर किसानों को भरना होगा दंड में ब्याज
प्रगतिशील किसान संगठन के संरक्षक शिवकुमारसिंह कुशवाह ने कहा कर्ज माफी को लेकर हम हर सप्ताह अफसरों से जानकारी ले रहे हैं। स्थिति यह है कि जिले के 70 से 80 प्रतिशत किसानाें के खातों में अब तक राशि नहीं पहुंची है। नो-ड्यूज मिलना चाहिए। इस तरह लालच देकर बीच नदी में नहीं छोड़ सकते। कई किसान कर्ज माफी के चक्कर में डिफॉल्टर हो गए। अब उन्हें दंड में ब्याज भरना पड़ेगा।
आगे क्या : किसानों की बैठक कल
किसानों की समस्याओं के समाधान और उनके संशय दूर करने को लेकर भारतीय किसान संघ रविवार को किसानों की बैठक लेगा। इसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं पर विचार करने के साथ कर्ज माफी की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की जाएगी।




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