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पदनाम बदलने व सेवानिवृत्ति की आयु 62 से बढ़ाकर 65 करने की मांग

2 वर्ष पहले
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पदनाम बदलने, सेवानिवृत्ति की आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने सहित 21 सूत्रीय मांगों को लेकर मप्र शिक्षक संघ के सदस्य बुधवार शाम को कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां उन्होंने डिप्टी कलेक्टर घनश्याम धनगर को कलेक्टर अमित तोमर सहित मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, आदिम जाति कल्याण मंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम आवेदन दिया।

उन्होंने मांग की है कि चाइल्ड केयर लीव के स्थान पर फेमिली केयर लिव दी जाए। पितृत्व-मातृत्व अवकाश को समान आश्रित परिजनों की मौत पर 15 दिन का संवेदना अवकाश दिया जाए। अर्जित अवकाश 15 दिन के लिए कलेक्टर व 16 से 30 दिन के लिए आयुक्त के आदेश की अनिवार्यता को खत्म कर पहले व्यवस्था को लागू किया जाए। संघ के अध्यक्ष मनोज गुप्ता व सचिव अनिल जोशी ने बताया शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु को 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने, अनुकंपा नियुक्ति में डीएड, बीएड व पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त की जाए। स्वयं के व्यय पर डीएड व बीएड करने वाले शिक्षकों को 2 वेतनवृद्धि का लाभ 1999 तक मान्य किया गया है। इसे वर्तमान में लागू किया जाए।

डिप्टी कलेक्टर घनश्याम धनगर को आवेदन देते मप्र शिक्षक संघ के सदस्य।

भास्कर संवाददाता | बड़वानी

पदनाम बदलने, सेवानिवृत्ति की आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने सहित 21 सूत्रीय मांगों को लेकर मप्र शिक्षक संघ के सदस्य बुधवार शाम को कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां उन्होंने डिप्टी कलेक्टर घनश्याम धनगर को कलेक्टर अमित तोमर सहित मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, आदिम जाति कल्याण मंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम आवेदन दिया।

उन्होंने मांग की है कि चाइल्ड केयर लीव के स्थान पर फेमिली केयर लिव दी जाए। पितृत्व-मातृत्व अवकाश को समान आश्रित परिजनों की मौत पर 15 दिन का संवेदना अवकाश दिया जाए। अर्जित अवकाश 15 दिन के लिए कलेक्टर व 16 से 30 दिन के लिए आयुक्त के आदेश की अनिवार्यता को खत्म कर पहले व्यवस्था को लागू किया जाए। संघ के अध्यक्ष मनोज गुप्ता व सचिव अनिल जोशी ने बताया शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु को 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने, अनुकंपा नियुक्ति में डीएड, बीएड व पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त की जाए। स्वयं के व्यय पर डीएड व बीएड करने वाले शिक्षकों को 2 वेतनवृद्धि का लाभ 1999 तक मान्य किया गया है। इसे वर्तमान में लागू किया जाए।

एक स्कूल-एक परिसर व्यवस्था से पदोन्नति प्रभावित होने की आशंका

संघ के अध्यक्ष मनोज गुप्ता व सचिव अनिल जोशी ने बताया सरकार ने वचन पत्र के अनुसार एक ही पद पर 30 से 35 वर्ष से सेवा दे रहे योग्यताधारी सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधानपाठक, व्याख्याता, प्राचार्यों को अपग्रेड कर पदनाम दिया जाए। इससे शासन पर कोई वित्तीय बोझ नहीं बढ़ेगा। एक स्कूल-एक परिसर व्यवस्था से पदोन्नति प्रभावित होने की आशंका से दोबारा विचार करने की मांग की है। उन्होंने प्रधानपाठक को प्राचार्य के समकक्ष मानकर हाईस्कूल प्राचार्य पद पर पदोन्नति करने, अध्यापक संवर्ग में शामिल शिक्षाकर्मी, गुरुजी, संविदा शिक्षक को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान और वरिष्ठता का निर्धारण कर पेंशन का लाभ देने की मांग की है। सुदेश गुप्ता, रमेश मुकेश, अशोक धारवाल, दिलीप पाटीदार, प्रभाकरराव निवडुंगे, हेमेंद्र मालवीय, अशफाक शेख मौजूद थे।

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