राग द्वेष को त्यागकर आत्म कल्याण की भावना रखंे

Khandwa News - अष्टान्हिका पर्व के प्रवचन माला को संबोधित करते प्रफुल्ल शास्त्री। 16 जुलाई को पर्व के समापन पर निकलेगी श्रीजी...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:05 AM IST
Khandwa News - mp news forget self harm by renouncing anger and hatred
अष्टान्हिका पर्व के प्रवचन माला को संबोधित करते प्रफुल्ल शास्त्री।

16 जुलाई को पर्व के समापन पर निकलेगी श्रीजी की विशाल रथयात्रा

भास्कर संवाददाता | खंडवा

यह व्यक्ति संसार में राग ओर द्वेष के कारण ही घूम रहा है। जिस प्रकार एक दही मथने की मथानी हुआ करती है जिसके दोनों ओर से रस्सी बंधी हुआ करती है और बीच में मथानी बंधी हुई घूमती रहती है। उसी प्रकार यह व्यक्ति भी राग और द्वेष रूपी रस्सियों में जकड़ा हुआ संसार में घूम रहा है। साथ ही व्यक्ति के जीवन में कई आपत्तियों का भंडार है एक विपत्ति जाती नहीं दूसरी सामने आ जाया करती है। यदि व्यक्ति उन विपत्तियों के बारे में सोचे और उनसे भयभीत होकर संसार से डरकर दीक्षा आदि धारण कर राग द्वेष को त्यागकर अपनी आत्म कल्याण की भावना रखे तो वह इस संसार से पार हो सकता है। यह उद्गार अष्टान्हिका पर्व के दौरान चल रही प्रवचन माला में प्रफुल्ल शास्त्री ने व्यक्त किए।

X
Khandwa News - mp news forget self harm by renouncing anger and hatred
COMMENT