जिला अस्पताल का डेढ़ साल से चल रहा जीर्णोद्धार, बरामदे में हो रहा मरीजों का इलाज

Badwani News - मदर चाइल्ड केयर सेंटर व 18 निजी वार्डों के काम में देरी, 10 माह पहले निकल चुकी है डेडलाइन खरगोन | जिला अस्पताल में...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 08:41 AM IST
Pati News - mp news restoration of district hospital for one and a half years patients treated in vermilion
मदर चाइल्ड केयर सेंटर व 18 निजी वार्डों के काम में देरी, 10 माह पहले निकल चुकी है डेडलाइन

खरगोन | जिला अस्पताल में करोड़ों के भवनों में एक से डेढ़ साल से जीर्णोद्धार चल रहा है। देरी से काम होने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। मेटरनिटी वार्ड की गलियारे में पलंग पर महिलाओं का इलाज हो रहा है। निजी वार्ड नहीं होने दूसरे मरीजों को रेडक्रास अस्पताल के वार्ड में ज्यादा राशि देकर भर्ती होना पड़ रहा है। दोनों काम की डेडलाइन 10 माह पहले ही खत्म हो गई है।

करीब 11 करोड़ की लागत से बना मदर केयर चाइल्ड अस्पताल डेढ़ साल पहले शुरू हुआ था। इसमें दो मंजिल का निर्माण होना था, लेकिन बजट की कमी के कारण एक ही मंजिल बनाई गई। नीचे तल में मेटरनिटी वार्ड बनाया गया। यहां महिलाओं को इलाज किया गया। एक साल पहले तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. आरके नीमा ने पीआईयू के माध्यम से जीर्णोद्धार शुरू कराया। धीमी गति से काम होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। 18 निजी वार्डों का काम भी शुरू हुआ है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की सब इंजीनियर सुरुचि परते ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को समझाइश दी। निजी वार्डों का काम एक माह में पूरा होगा।

संकरी गली में संक्रमण से लेकर गर्मी से परेशानी

मेटरनिटी वार्ड में रोजाना 30 से ज्यादा महिलाओं भर्ती होती है। जगह की कमी के कारण गलियारे में पलंग लगाए हैं। यहां संक्रमण का खतरा होता है। क्योंकि पलंग के पास दिनभर में कई लोग निकलते हैं। इससे प्रसूता व नवजात को संक्रमण का खतरा होता है। इसके अलावा गर्मी से महिलाओं व नवजात बेहाल हो जाते हैं। परिजनों को घर से पंखा लाना पड़ता है। यहां भर्ती प्रीति पाटीदार सेगांव, संगीता वर्मा भीकनगांव के परिजनों ने बताया गलियारे में गर्मी होती है। साथ ही निकलने के लिए रास्ता भी नहीं है।

निर्माण पर संभाग आयुक्त ने नाराजगी जताई थी

पीआईयू ने मदर केयर चाइल्ड अस्पताल का निर्माण किया था। उस दौरान निर्माण होने के बाद तत्कालीन कलेक्टर नीरज दुबे व संभाग आयुक्त संजय दुबे ने निरीक्षण किया था। संभाग आयुक्त ने ठेकेदार व इंजीनियरों को गलत निर्माण पर नाराजगी जताई थी। इसके बावजूद सुधार नहीं किया। तत्कालीन सिविल सर्जन डा. आरके नीमा ने कहा कि निर्माण में कई गलतियां है। यहां पर्याप्त प्रकाश तक की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद जीर्णोद्धार किया गया।

X
Pati News - mp news restoration of district hospital for one and a half years patients treated in vermilion
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना