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नियम विरूद्ध बांट दिए 40 लाख रुपए, बजट राशि बचाने के लिए किया सरकारी राशि का दुरुपयाेग

2 वर्ष पहले
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वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियाें काे तीन महीने में करना था राशि का समायाेजन, उपसंचालक रुपयाें की वसूली किए बगैर भुगतान देते रहे

भास्कर संवाददाता | खंडवा

कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियाें ने अग्रिम खर्च के नाम पर विभाग से 39 लाख 26 हजार 500 रुपए मांगे। कृषि उपसंचालक ने भी उक्त राशि शासन के नियम व शर्ताें के विरूद्ध इन अधिकारियाें काे वितरित कर दी। अधिकारियाें काे यह राशि तीन महीने मंे विभाग काे लाैटानी थी लेकिन 2 साल बाद भी नहीं लाैटाई। यही नहीं उक्त राशि पर 3.23 लाख रुपए का ब्याज भी चढ़ गया। नियमानुसार उपसंचालक काे तीन महीने बाद उक्त अधिकारियाें के वेतन से राशि काटना था फिर दूसरी किश्त देना था लेकिन एेसा नहीं हुअा। विभागीय जांच में सामने अाया कि उपसंचालक ने बजट की राशि बचाने के लिए यह कृत्य किया।

एक अाेर प्रदेश सरकार खजाना खाली होने की दुहाई दे रही है तो दूसरी अाेर सरकारी नुमाइंदे शासकीय राशि का जमकर दुरुपयोग करने में लगे हैं। कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन पर वर्ष 2017-18 में एक करोड़ चार लाख छप्पन हजार व 2018-19 में 99.65 लाख रुपए का व्यय किया गया। इसी प्रकार हर साल करीब 1 करोड़ से अधिक की राशि वेतन के रूप में प्राप्त करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों ने 39 लाख 26 हजार 500 रुपए अस्थाई अग्रिम भुगतान के रूप में लिए हैं। इसमें साल 2017-18 के 20 लाख 24 हजार रुपए भी बकाया हैं। उक्त राशि में 32 लाख 52 हजार रुपए दो साल बीत जाने के बावजूद समायोजित नहीं किए गए। उक्त राशि पर 3 लाख 22 हजार 987 रुपए ब्याज बनता है। इस प्रकार विभाग के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी व अन्य पर 35 लाख 74 हजार 987 रुपए समायोजन का बकाया निकला है।

बजट राशि लैप्स होने के डर से कर लिया आहरण

अधिकारियों ने मिलीभगत के चलते उक्त राशि का अस्थाई अग्रिम अधिकांश तीसरे महीने के अंतिम सप्ताह में लिया। जिससे स्पष्ट होता है कि बिना आवश्यकता के मात्र बजट राशि को बचाने के लिए राशि का आहरण किया गया था। साथ ही एक अधिकारी को पूर्व में दिए गए अग्रिम का समायोजन शेष रहने के बाद भी पुनः अग्रिम राशि दी गई। इसके अलावा सभी ब्लाक के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को भी अस्थाई अग्रिम दिया गया।

कृिष विभाग

पुराना वसूला नहीं, नया अग्रिम देते गए उपसंचालक

कृषि उपसंचालक ने जिले के सातों ब्लॉक के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों काे दाे साल में जिसमें संतोष पाटीदार खंडवा काे 2.69 लाख, बीएल टेलर पुनासा काे 2.36 लाख, एसएल मलाऊ हरसूद काे 2.85 लाख, दिनेश चौहान बलड़ी काे 2.37 लाख, दिनेश साेलंकी छैगांवमाखन काे 2.15 लाख, उमाशंकर आर्य पंधाना, गणेश रंसौरे खालवा, लोकेन्द्रसिंह मंडलोई खंडवा काे भी दाे-दाे लाख रुपए का अस्थाई अग्रिम दिया। इसके अलावा 7 जनपदों में भी खंडवा जनपद को 2.80 लाख, पंधाना को 3.52 लाख, छैगांवमाखन को 2.77 लाख, पुनासा जनपद को 3.16 लाख, हरसूद जनपद को 2.20 लाख, खालवा जनपद को 3.58 लाख, बलड़ी जनपद को 1.63 लाख रुपए साल 2017 से दिया गया है।

समायाेजन हाे चुका है, बकाया कुछ नहीं है

मामला मेरे कार्यकाल का नहीं है, अगर एेसा है ताे अकाउंट वाले बता पाएंगे। अगर वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियाें ने राशि ली है ताे उसका समायाेजन भी कर दिया हाेगा। -अारएस गुप्ता, उपसंचालक, कृषि विभाग

तीन महीने में जमा कराना होती है अग्रिम भुगतान की रािश

प्रदेश शासन वित्त विभाग एवं मध्य प्रदेश कोषालय संहिता भाग-1 के मूल नियम 53-4 के अनुसार शासकीय सेवकों को विभिन्न प्रयोजनों हेतु प्रदाय किए गए अस्थाई अग्रिमों का समायोजन राशि लेने के दिनांक से अधिकतम तीन महीने या वित्तीय वर्ष के अंत के पहले जो भी हो तक किया जाना चाहिए। अग्रिम राशि का समायोजन नहीं हाेने पर संबंधित कर्मचारी से उस राशि पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में सावधि जमा पर ब्याज के बराबर राशि का ब्याज लगाकर मय मूल राशि को उनके वेतन से काटा या वसूला जाना चाहिए। साथ ही जब तक पूर्व में प्रदाय किए गए विभिन्न प्रयोजन हेतु अस्थाई अग्रिम का समायोजन नहीं हो जाता। तब तक दोबारा अस्थाई अग्रिम प्रदान नहीं किया जाना चाहिए।

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