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सुषमा ने हार्ट अटैक से 10 मिनट पहले हरीश साल्वे से कहा था-तुम आए नहीं, भाई अपनी 1 रुपया फीस तो लेते जाओ...

2 वर्ष पहले
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बीजेपी और विपक्षी दलों समेत दुनियाभर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

भास्कर न्यूज | दिल्ली

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का अंतिम संस्कार बुधवार शाम लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में कर दिया गया। इस दौरान पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत विभिन्न दलों के नेता मौजूद थे। सुषमा ने हार्ट अटैक आने से 10 मिनट पहले वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे से फोन पर बात की थी और उन्हें मिलने बुलाया था। साल्वे ने बातचीत साझा करते हुए बताया कि ‘सुषमा जी मेरी बड़ी बहन जैसी थीं। मंगलवार रात पौने 9 बजे उन्होंने फोन किया और कहा-तुम दिल्ली आए हो और मिलने नहीं आए। भाई अपनी एक रुपए की फीस तो लेते जाओ। मैंने कहा कि मैं आपसे कल मिलने आऊंगा। 10 मिनट बाद ही उनको दिल का दौरा पड़ने की खबर मिली।’ अंतिम संस्कार में वे तमाम लोग भी पहुंचे, जिनकी मदद सुषमा ने की थी। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी सुषमा को याद किया। वहीं सोनिया गांधी ने भी सुषमा के पति स्वराज कौशल को पत्र लिखकर संवेदनाएं व्यक्त कीं। दिल्ली और हरियाणा सरकार ने सुषमा के निधन पर दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।

भारतीय राजनीति का सबसे ममतामयी चेहरा रहीं सुषमा स्वराज पंचतत्व में विलीन हो गईं। पूरे राजकीय सम्मान के साथ लोदी रोड स्थित शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनका जाना िवरोधी दलों के नेताओं को भी रुला गया। दुनियाभर के देशों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

मोदी ने कहा, ‘असाधारण नेता के निधन से भारत शोकाकुल है। वह भूल नहीं सकते कि कैसे पूर्व विदेश मंत्री बिना थके काम करती थीं।’

अंतिम प्रणाम

सुषमा के करीबी और राजनीतिक विरोधी भी उनके जाने से बेहद दुखी

आडवाणी बोले- मेरे जन्मदिन पर वह कभी चॉकलेट केक लाना नहीं भूलती थीं...

आडवाणी बोले- मेरे जन्मदिन पर वह कभी चॉकलेट केक लाना नहीं भूलती थीं...

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सुषमा को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा-‘मुझे उनकी बहुत याद आएगी। बर्थडे पर वह मेरा पसंदीदा चॉकलेट केक लाना कभी नहीं भूलती थीं। राष्ट्र ने आज एक असाधारण नेता खो दिया है। वह ऐसी नेता थीं, जिनके साथ हमने शुरुआत से ही काम किया था। अस्सी के दशक में जब मैं पार्टी अध्यक्ष था, तब सुषमा एक युवा नेता के तौर पर उभर रही थीं और मैंने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। समय के साथ-साथ वो पार्टी में मुख्य नेता बनीं और देश की महिलाओं के लिए रोल मॉडल बनीं। वह एक प्रखर वक्ता थीं, जो किसी भी बात को बेहतरीन तरीके से बताने की क्षमता रखती थीं। वह एक शानदार इंसान भी थीं। उनका जाना देश और निजी तौर पर मेरे लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी आत्मा को शांति मिले। स्वराज जी, बांसुरी और उनके परिवार के सभी सदस्यों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। ओम शांति।’

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सुषमा को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा-‘मुझे उनकी बहुत याद आएगी। बर्थडे पर वह मेरा पसंदीदा चॉकलेट केक लाना कभी नहीं भूलती थीं। राष्ट्र ने आज एक असाधारण नेता खो दिया है। वह ऐसी नेता थीं, जिनके साथ हमने शुरुआत से ही काम किया था। अस्सी के दशक में जब मैं पार्टी अध्यक्ष था, तब सुषमा एक युवा नेता के तौर पर उभर रही थीं और मैंने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। समय के साथ-साथ वो पार्टी में मुख्य नेता बनीं और देश की महिलाओं के लिए रोल मॉडल बनीं। वह एक प्रखर वक्ता थीं, जो किसी भी बात को बेहतरीन तरीके से बताने की क्षमता रखती थीं। वह एक शानदार इंसान भी थीं। उनका जाना देश और निजी तौर पर मेरे लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी आत्मा को शांति मिले। स्वराज जी, बांसुरी और उनके परिवार के सभी सदस्यों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। ओम शांति।’

अंतिम दर्शन करते ही फूट-फूटकर रो पड़े 96 साल के धर्मपाल गुलाटी

सुषमा स्वराज का अंतिम दर्शन करने मसाला कंपनी एमडीएच के मालिक 96 वर्षीय महाशय धर्मपाल गुलाटी भी पहुंचे। सुषमा का शव देखते ही वह अपने आंसू नहीं रोक पाए और जमीन पर बैठकर रोने लगे। वहां मौजूद लोगों ने गुलाटी को ढाढस बंधाया। लेकिन इसके बाद भी काफी देर तक गुलाटी हाथ उठाकर रोते रहे। उनके साथ आए लोगों ने बताया कि सुषमा जी के साथ गुलाटी के आत्मीय संबंध थे। सुषमा उन्हें काफी सम्मान देती थीं। गुलाटी से पहले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी काफी भावुक हो गए थे। सुषमा को अंतिम विदाई देते वक्त फूट-फूटकर रोने लगे। बता दें दिवंगत सुषमा, नायडू को राखी बांधती थीं।







सोनिया गांधी ने पति स्वराज कौशल को पत्र लिखकर कहा- मुझे निजी क्षति का आभास...

सोनिया गांधी ने पति स्वराज कौशल को पत्र लिखकर कहा- मुझे निजी क्षति का आभास...

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्वराज कौशल को लिखे पत्र में लिखा, ‘मैं आपकी प्रिय प|ी के आकस्मिक निधन के बारे में सुनकर स्तब्ध और बहुत दुखी हूं। सुषमा जी एक नैसर्गिक प्रतिभा वाली महिला थीं। उन्होंने जो भी पद संभाला उस पर रहते हुए उन्होंने साहस, प्रतिबद्धता, समर्पण और योग्यता का परिचय दिया। वह बहुत ही मिलनसार थीं और समाज के सभी तबकों के लोगों के साथ उनका गर्मजोशी भरा रुख होता था। लोकसभा में वर्षों तक हमने काम किया और हमारे बीच एक गर्मजोशी भरा संबंध बना। आज मुझे बहुत क्षति का आभास हो रहा है। वह बहुत कम उम्र में हमें उस वक्त छोड़कर चली गईं, जब उन्हें अभी सार्वजनिक जीवन में रहकर बहुत योगदान देना था। इसको देखते हुए उनका निधन और दुखद है। दुख की इस घड़ी में आपके (कौशल) और बांसुरी (बेटी) के प्रति मेरी संवेदना है। ईश्वर आपको यह क्षति बर्दाश्त करने की शक्ति दे।’

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्वराज कौशल को लिखे पत्र में लिखा, ‘मैं आपकी प्रिय प|ी के आकस्मिक निधन के बारे में सुनकर स्तब्ध और बहुत दुखी हूं। सुषमा जी एक नैसर्गिक प्रतिभा वाली महिला थीं। उन्होंने जो भी पद संभाला उस पर रहते हुए उन्होंने साहस, प्रतिबद्धता, समर्पण और योग्यता का परिचय दिया। वह बहुत ही मिलनसार थीं और समाज के सभी तबकों के लोगों के साथ उनका गर्मजोशी भरा रुख होता था। लोकसभा में वर्षों तक हमने काम किया और हमारे बीच एक गर्मजोशी भरा संबंध बना। आज मुझे बहुत क्षति का आभास हो रहा है। वह बहुत कम उम्र में हमें उस वक्त छोड़कर चली गईं, जब उन्हें अभी सार्वजनिक जीवन में रहकर बहुत योगदान देना था। इसको देखते हुए उनका निधन और दुखद है। दुख की इस घड़ी में आपके (कौशल) और बांसुरी (बेटी) के प्रति मेरी संवेदना है। ईश्वर आपको यह क्षति बर्दाश्त करने की शक्ति दे।’

 खंडवा, गुरुवार, 08 अगस्त, 2019

दुनिया ने ऐसे किया याद

इजरायल| सुषमा के समर्पण, करुणा को हम नहीं भूल सकते

भारत में इजराइल के राजदूत रॉन मल्का ने सुषमा को श्रद्धांजलि दी। भारत और इजरायल के संबंधों के प्रति उनके समर्पण, करुणा और योगदान को भुलाया नहीं जाएगा।

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