बारिश में जरूरी है ये सतर्कता

Khandwa News - चीफ डायटीशियन, जसलोक हॉस्पिटल मुंबई मानसून के मौसम में सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार की समस्या अधिक होती है और इस...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:05 AM IST
KHAAR News - mp news this alert is necessary in the rain
चीफ डायटीशियन, जसलोक हॉस्पिटल मुंबई

मानसून के मौसम में सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार की समस्या अधिक होती है और इस मौसम में तले हुए पकौड़े और भजिए खाने की इच्छा भी सबसे अधिक होती है, जबकि इस मौसम में तले हुए खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। अस्वस्थ होने के अलावा, यह वैज्ञानिक रूप से भी साबित होता है कि नम मौसम व्यक्ति की पाचन शक्ति धीमा कर देता है और पेट फूलने गैस की समस्या भी अधिक होती है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना सेहत के लिए बेहतर हो सकता है।

à मौसमी फल बढ़ाएंगे इम्यूनिटी : इस समय ताजे मौसमी फलों को खाना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इन फलों में मौजूद पोषक तत्व व्यक्ति की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं, जिससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। हां फलों को पूरी सावधानी से धोकर ही इस्तेमाल करें, वरना बैक्टीरिया खाने में अा सकते हैं।

à इन सब्जियों को खाने से बचिए : आमतौर पर हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है, लेकिन इस मौसम में यह नुकसानदायक है जैसे: पालक, पत्तागोभी, फूलगोभी आदि में जमी हुई गंदगी के कारण अधिक मात्रा में रोगाणु आ जाते हैं, जो जठराग्नि में बीमारियों को उत्पन्न करते हैं। सलाद खाने से भी बचना चाहिए क्योंकि कच्चे खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया के पनपने की गति अधिक तेज होती है। जो रोगों के लिए जिम्मेदार है।

à मशरूम से दूर रहिए : मशरूम नम मिट्टी में उगते हैं और इनके हानिकारक बैक्टीरिया से संक्रमित होने की संभावना रहती है। इसलिए इस मौसम में मशरूम के सेवन से बचना सबसे अच्छा है।

ये करना फायदेमंद

à सुबह-शाम 4-5 तुलसी की पत्तियां चबाकर खाएं।

à रोज सुबह-शाम खाली पेट एक गिलास टमाटर का जूस नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर पीएं।

à दिन में दो बार नींबू पानी पीना चाहिए।

à सूप में अदरक डालकर पीना फायदेमंद होता है तथा मौसमी सर्दी-जुकाम में भी राहत मिलती है।

न्यूट्रिशियन

डेलनाज टी चंदूवैदा

मानसून के मौसम में सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार की समस्या अधिक होती है और इस मौसम में तले हुए पकौड़े और भजिए खाने की इच्छा भी सबसे अधिक होती है, जबकि इस मौसम में तले हुए खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। अस्वस्थ होने के अलावा, यह वैज्ञानिक रूप से भी साबित होता है कि नम मौसम व्यक्ति की पाचन शक्ति धीमा कर देता है और पेट फूलने गैस की समस्या भी अधिक होती है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना सेहत के लिए बेहतर हो सकता है।

à मौसमी फल बढ़ाएंगे इम्यूनिटी : इस समय ताजे मौसमी फलों को खाना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इन फलों में मौजूद पोषक तत्व व्यक्ति की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं, जिससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। हां फलों को पूरी सावधानी से धोकर ही इस्तेमाल करें, वरना बैक्टीरिया खाने में अा सकते हैं।

à इन सब्जियों को खाने से बचिए : आमतौर पर हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है, लेकिन इस मौसम में यह नुकसानदायक है जैसे: पालक, पत्तागोभी, फूलगोभी आदि में जमी हुई गंदगी के कारण अधिक मात्रा में रोगाणु आ जाते हैं, जो जठराग्नि में बीमारियों को उत्पन्न करते हैं। सलाद खाने से भी बचना चाहिए क्योंकि कच्चे खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया के पनपने की गति अधिक तेज होती है। जो रोगों के लिए जिम्मेदार है।

à मशरूम से दूर रहिए : मशरूम नम मिट्टी में उगते हैं और इनके हानिकारक बैक्टीरिया से संक्रमित होने की संभावना रहती है। इसलिए इस मौसम में मशरूम के सेवन से बचना सबसे अच्छा है।

ये करना फायदेमंद

à सुबह-शाम 4-5 तुलसी की पत्तियां चबाकर खाएं।

à रोज सुबह-शाम खाली पेट एक गिलास टमाटर का जूस नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर पीएं।

à दिन में दो बार नींबू पानी पीना चाहिए।

à सूप में अदरक डालकर पीना फायदेमंद होता है तथा मौसमी सर्दी-जुकाम में भी राहत मिलती है।

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