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  • Nimar Utsav: The Stage Will Be Decorated With The Design Of The Temples Of Amarkantak With The Carving Of Maheshwar Fort

महेश्वर किले की नक्काशी के साथ अमरकंटक के मंदिरों की डिजाइन से सजेगा मंच

2 वर्ष पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • 3 साल बाद इस साल कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजन हाेगा
  • 3 स्टेप व 70 बॉय 40 वर्गफीट में उत्तरमुखी की तैयारी शुरू

महेश्वर. संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में अहिल्या घाट पर 11 नवंबर से होने वाले निमाड़ उत्सव काे लेकर मंच बनाने का काम शुरू हो गया है। 3 स्टेप में बनने वाले मंच पर सीढ़ियों से लेकर कलाकार के कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाले स्थान और पीछे नदी किनारे तक मंच को थोड़ी ऊंचाई दी जा रही है। मंच पर किले की कलात्मक नक्काशी के साथ मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के मंदिरों की डिजाइन उकेरी जाएगी। इसके लिए गुरुवार-शुक्रवार को भोपाल से टीम यहां पहुंचेगी।

निमाड़ उत्सव की मंच व्यवस्था को लेकर मंगलवार रात 3 मिनीट्रक से लोहे के पाइप व लकड़ी के पटिये यहां पहुंचे। भोपाल से आए फिरोज भाई ने बताया रात में ही मंच बनाने का काम शुरू कर दिया गया। रजत वर्ष की तरह इसबार भी मंच उत्तरमुखी होगा। इसे किले के झरोखे व मेहराब की डिजाइन से सजाया जाएगा। 70 बॉय 40 वर्गफीट का मंच तीन ओर से खुला रहेगा। पीछे सजावट होगी।

26 साल का इतिहास : 3 बार नाम बदला, एक बार नहीं मना उत्सव
सन 1994 में कार्तिक पूर्णिमा पर निमाड़ उत्सव की शुरुआत तत्कालीन राज्यपाल मोहम्मद शफी कुरैशी व भजन गायिका अनुराधा पौडवाल की उपस्थिति में संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ ने ही की थी। उत्सव की शुरुअात में 18 साल पहले चुनावी आचार संहिता के चलते कार्यक्रम नहीं हो पाया था। 2013 में दूसरी बार यह स्थिति बनी। जिला प्रशासन ने फरवरी 2014 में निमाड़ उत्सव की जगह महेश्वर उत्सव का आयोजन किया। 2014 व 2015 में पूर्णिमा पर आयोजन हुए।

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