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ऑनलाइन ठगी / जिला रजिस्ट्रार से माेबाइल पर ठग बोला- आपको ऑनलाइन खरीदी पर इनाम में खुली है 12.50 लाख रु. की कार, 33 हजार जमा करो



Online fraud with district registrar
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Online fraud with district registrar

  • पुलिस ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया तो रजिस्ट्रार ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की, तब केस दर्ज किया

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 10:57 AM IST

खंडवा. मैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाली कंपनी का मैनेजर बोल रहा हूं, ऑनलाइन शॉपिंग करने पर आपको 12.50 लाख रुपए की कार इनाम में खुली है। कार चाहिए तो आरटीओ की कार्रवाई के लिए 8500 व बीमा राशि के 24,750 जमा करना होगा। नहीं चाहिए तो पूरी राशि का 1% जमा करना होगा।

 

  • महिला रजिस्ट्रार ने बातों में आकर बीमा व आरटीआे फाइल की राशि 33 हजार 248 रुपए ठग द्वारा बताए गए खाते में ऑनलाइन जमा कर दिए। जब अपने साथ हुए साइबर क्राइम का पता चला तो रजिस्ट्रार पुलिस के पास पहुंची यहां अफसरों ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस के व्यवहार से नाराज होकर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की तब जाकर एक महीने बाद थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज हो सकी।
  • जिला रजिस्ट्रार क्षिप्रा मुकेश कुमार सेन (40) निवासी प्रगति नगर ने बताया गत 10 सितंबर की सुबह 10 बजे उन्हें मोबाइल नंबर 9262812309 से फोन आया। उसने बताया वह ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी का मैनेजर बोल रहा है। आप इस नंबर, ई-मेल एड्रेस के माध्यम से हमारी कंपनी से शॉपिंग करती हैं। शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के लिए कंपनी ने ड्रॉ खोला तो आपको 12.50 लाख रुपए की कार इनाम में खुली है।
  • आपको कार लेने के लिए कुछ औपचारिकताएं करनी होंगी। पहली कार लेने के लिए आपको आरटीओ दस्तावेजों की खानापूर्ति व बीमा राशि के 33 हजार 248 रुपए खाता क्र. 34445845236 में अॉनलाइन ट्रांसफर कर दो। अगर ऐसा नहीं करना है तो कार की पूरी राशि का 1% जमा कर दो बाकी कैश आप तक पहुंच जाएगा। उन्होंने दूसरी शर्त के बजाए पहली को मान लिया और रुपया ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया।
  • इस दौरान कॉलर ने कहा कि सुरेश नामक चालक आपकी कार लेकर मुरैना से निकल चुका है। शंका होने पर जब मैंने अपने डीआर आफिस से कर्मचारी को भेजकर पता लगाने की बात कॉलर से पूछी तो वह यहां वहां की बातें करने लगा। शॉपिंग कंपनी में भी कॉल किया तो वहां भी इनाम खुलने की बात कही गई।
  • जब कई दिनों तक कार उन तक नहीं पहुंची तो वे शिकायत लेकर कोतवाली पहुंची। यहां शिकायत नहीं लेने पर एसपी व एएसपी से भी मिली लेकिन उनके द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। रजिस्ट्रार क्षिप्रा सेन ने जब सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की तब अफसर हरकत में आए और एक महीने बाद 10 अक्टूबर को उनकी शिकायत पर धारा 419 के तहत केस दर्ज किया गया।
  • अपने साथ ठगी होने के बाद रजिस्ट्रार क्षिप्रा सेन ने कहा ऑनलाइन शॉपिंग वाली जानी मानी कंपनियां भी अब भरोसे के लायक नहीं रहीं। यह धोखाधड़ी का नया ट्रैंड है। शॉपिंग के बाद हमारा मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी सहित अन्य जानकारी लीक हो रही है। जब मेरे जैसी अधिकारी के साथ धाेखाधड़ी हो सकती है तो आम आदमी कैसे बच सकता है। उन्होंने कहा मुझे कहने में शर्म महसूस हो रही है कि मामले में पुलिस कुछ नहीं कर पाई और मुझे सीएम हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ा।
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