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हमारा 9 हजार मीट्रिक टन यूरिया भेज दिया राजस्थान, इसलिए बढ़ा संकट / हमारा 9 हजार मीट्रिक टन यूरिया भेज दिया राजस्थान, इसलिए बढ़ा संकट

Bhaskar News Network

Dec 09, 2018, 03:46 AM IST

Khandwa News - जिले के किसानों को मिलने वाला 9 हजार मीट्रिक टन यूरिया सरकार ने राजस्थान भेज दिया। क्योंकि यहां भी विधानसभा चुनाव...

Khandwa News - our 9 thousand metric tonnes of urea sent rajasthan therefore increased crisis
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जिले के किसानों को मिलने वाला 9 हजार मीट्रिक टन यूरिया सरकार ने राजस्थान भेज दिया। क्योंकि यहां भी विधानसभा चुनाव हुए। इससे पहले ही बड़े स्तर पर मध्यप्रदेश को मिलने वाली यूरिया की रैक वहां पहुंचाई गई। जिले की ही बात करें तो करीब 4 करोड़ 80 लाख रुपए का यूरिया जो यहां के किसानों को मिलना था वह राजस्थान के किसानों तक पहुंच गया। इधर जिले में सरकारी स्तर पर गोदाम व सोसायटियों से भी माल अचानक गायब हो गया, जिसका फायदा बाजार में व्यापारी उठा रहे हैं। जिस यूरिया पर एमआरपी 266 रुपए है उसी को व्यापारी बाजार में 300 रुपए तक ब्लैक में बेच रहे हैं। इसके लिए किसान से ना तो आधार कार्ड लिया जा रहा ना ही मशीन पर उसका अंगूठा लगाया जा रहा।

1 अक्टूबर से रबी के सीजन की शुरुआत हो गई। सीजन में जिले में 1.25 लाख हेक्टेयर में गेहूं बोवनी का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 60 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी हो चुकी है। इसी तरह जिले में 45 हजार हेक्टेयर में चने की बोवनी का लक्ष्य है। इसमें से 39 हजार हेक्टेयर में बोवनी हो चुकी है। बोवनी के बाद उपज को सबसे पहले यूरिया की आवश्यकता होती है जो किसानों को नहीं मिल रहा। सूत्रों की मानें तो जिला ही नहीं पूरे प्रदेशभर के जिलों से यूरिया की बड़ी खेप राजस्थान पहुंचा दी गई है। व्यापारी कंपनियों से माल खरीदकर बाजार में इसे निर्धारित दर से 40 से 100 रुपए अधिक लेकर किसानों को बेच रहे हैं। किसानों के लिए काम करने वाली संस्थाएं व विभाग के अनुसार जब तक अन्य रैक नहीं आती तीन से चार दिन तक यही स्थिति बनी रहेगी।

गोदाम खाली, सोसायटियों में भी नहीं है यूरिया

जिला विपणन अधिकारी अमित तिवारी ने बताया 1 अक्टूबर से अब तक 9 हजार मिट्रिक टन यूरिया का भंडारण होकर समितियों तक पहुंचा दिया गया। तीन-तीन हजार मीट्रिक टन की तीन रैक, जिनमें 9 हजार मीट्रिक टन यूरिया आना था, लेकिन राजस्थान में चुनाव की वजह से रैक वहां पहुंचा दी गई। उनके गोदाम में वर्तमान में ना के बराबर यूरिया है। एक-दो दिन में रैक आने पर ही किसानों को वितरित किया जा सकेगा। जिले की सोसायटियों में भी यही हाल है। यहां यूरिया नहीं मिलने पर किसान बाजार से अधिक दाम पर इसकी खरीदी कर रहा है।

एक बोरी यूरिया की कीमत

267 रुपए

50 किलो की बोरी

यूरिया लगता है

4 करोड़ 80 लाख

का जिले में

गेहूं : बोवनी की स्थिति

1.25 लाख हेक्टे. में लक्ष्य

चना : बोवनी की स्थिति

45 हजार हेक्टे. में लक्ष्य

कालाबाजारी पर ध्यान नहीं, खुलेआम बिक रहा

पंधाना रोड पर शुक्रवार को व्यापारी द्वारा किसानों को 300 रुपए में यूरिया बेचा जा रहा था। यहां कृषि विस्तार अधिकारी संतोष पाटीदार भी पहुंचे थे लेकिन उन्होंने शिकायत नहीं मिलने पर कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि अन्य किसान व्यापारी द्वारा अधिक रुपए लेने की बात कह रहे थे। सूत्रों की माने तो कृषि विभाग के अफसर व्यापारियों की दुकान व गोदामों का निरीक्षण ही नहीं करते, सबकुछ कागजों पर होता है। अफसर सख्ती से निरीक्षण करे तो बड़ी मात्रा में यूरिया का स्टाक यहां मिल सकता है।

350 में खरीदा यूरिया, हम एफआईआर करवाएंगे

भाकिसं के सदस्य व किसान सुभाष पटेल ने बताया पंधाना रोड स्थित राठौर कृषि सेवा केंद्र से प्रकाश पटेल निवासी बावड़िया काजी ने एक बोरी की कीमत 350 रुपए चुकाकर 1400 रुपए में चार बोरी यूरिया खरीदी। बाजार में कुछ दुकानों पर इसकी कीमत 380 रुपए तक लगाई जा रही है। सुभाष ने बताया कि किसान शिकायत लेकर कलेक्टर के पास भी गए थे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। अब कालाबाजारी करने की सूचना मिलती है तो व्यापारी को मौके से पकड़कर एफआईआर करेंगे।

300 रुपए में बेच रहे हैं

15 दिन में

डालते हैं

60 हजार हेक्टे. में हो चुकी है

39 हजार हेक्टे. में हो चुकी है

किसान, खाद और बोवनी की स्थिति



किसान बोले



गोदामों की जांच कर रहे हैं, कार्रवाई करेंगे


रैक राजस्थान भेजने के कारण किल्लत


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