खंडवा / 7 माह की बीमार बेटी चुप नहीं हो रही थी; गुस्से में मां ने चांटे मारे, बालिका की मौत



जिला अस्पताल में डॉ. अंजलि जायसवाल ने बच्ची का आधा घंटे तक चेकअप किया, इस दौरान उसकी पल्स बंद मिली। जिला अस्पताल में डॉ. अंजलि जायसवाल ने बच्ची का आधा घंटे तक चेकअप किया, इस दौरान उसकी पल्स बंद मिली।
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जिला अस्पताल में डॉ. अंजलि जायसवाल ने बच्ची का आधा घंटे तक चेकअप किया, इस दौरान उसकी पल्स बंद मिली।जिला अस्पताल में डॉ. अंजलि जायसवाल ने बच्ची का आधा घंटे तक चेकअप किया, इस दौरान उसकी पल्स बंद मिली।

  • बालिका के रोने की आवाज नहीं आई तो गांव वालों को हुई शंका, छह घंटे तक घर में रखा रहा शव

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 01:16 PM IST

खंडवा. जिला मुख्यालय से 10 किमी दूर ग्राम अहमदपुर खैगांव में एक मां ने अपनी सात माह की बेटी को पीटकर मार डाला। बीमारी के कारण बच्ची कुछ दिनों से रो रही थी। इलाज कराने के बाद भी उसे आराम नहीं मिला। गांव वालों के मुताबिक महिला का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। उसे लगता था कि वह परवरिश नहीं कर सकती इसलिए उसने बच्ची को मार दिया। 

 

गुरुवार शाम चार बजे गांव में सात माह की बच्ची अंजलि को लेकर घूम रही मायाबाई पति मांगीलाल दांगोड़े को गांव वालों ने देखा। बच्ची मर चुकी थी। इसके बाद वह घर में अंदर चली गई। लोगों ने मोघट थाना टीआई एसएस बघेल को फोन पर कहा कि एक महिला ने अपनी मासूम बेटी की हत्या कर दी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मां के साथ मृत बच्ची को जिला अस्पताल लाया गया। शाम 7.30 बजे बच्ची को मृत घोषित किया। 

 

ग्रामीणों के मुताबिक, मायाबाई का पति मांगीलाल व सास रनु बाई एक सप्ताह से अचानक कही चले गए। क्योंकि मायाबाई अपने पति व सास से सुबह शाम झगड़ा करती थी। इससे वह परेशान हो गए थे। माया बाई के साथ उसकी पांच साल की बड़ी बेटी सुनीता भी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बच्ची को मारपीट करते हुए किसी ने देखा नहीं, लेकिन उसके गाल पर अंगुलियों के निशान आए है। शव भी पीला हो गया है। बच्ची की मौत दोपहर में होना बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा अगर वह पुलिस को सूचना नहीं देते तो माया बाई बच्ची के शव कहीं और ठिकाने लगा देती। क्योंकि उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। 

 

इसका बाप छोड़कर चला गया, मारती नहीं और क्या करती 
जिला अस्पताल में बेटी का शव आंचल में लेकर बैठी माया बाई ने कहा इसका (अंजलि) आप सात दिन से छोड़कर चला गया। बच्ची का 20 दिन तक इलाज कराया, रोना बंद नहीं कर रही थी। मैंने तो उसे दो-तीन चांटे मारे, मारती नहीं तो और क्या करती। दो बेटियां है इसका मतलब यह नहीं कि मैं इन्हें मार दूंगी। मैंने नहीं मारा, मैं तो परेशान हो गई हूं। 8-15 दिन से गांव में ही इलाज करवा रही थी। उससे पहले 20 दिन यहां भी (जिला अस्पताल) भर्ती रही। उन्होंने (पति) ने मुझे खूब मारा, मेरी बेटियों को भी मारा और भाग गया। पति को बोला काम कर और बच्ची का इलाज करा, लेकिन वह तो भाग गया। उसे भागना नहीं था इसलिए मेरा भी दिमाग खराब हो गया। लड़की है तो क्या हुआ। इलाज तो कराना चाहिए न। माया बाई ने पुलिस से कहा आप तो मेरी बच्ची की चीरा-फाड़ी मत करो मुझे उसे दे दो। मेरे पिता के गांव (टिटगांव) ले जाकर अंतिम संस्कार कर दूंगी। 

 

माया बाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं 
ग्रामीणों मुताबिक माया बाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। दिन रात पति और सास से लड़ाई-झगड़ा करती रहती है। परेशान होकर दोनों ने गांव ही छोड़ दिया। बच्ची की मौत हो जाने के बाद भी माया बाई उसे लेकर घ्ूम रही थी। 

 

पड़ोसियों ने बताया, माया बाई ने मार दिया 
टूटाजी दांगोड़े मैं तो खेत पर काम कर रहा था। मुझे पड़ोसियों ने आकर बताया कि आपकी भतीजी मौत हो गई है, माया बाई ने उसे मारा है और वह मरी हुई बच्ची को लेकर घर में बैठी है जबकि उसे पुलिस को सूचना देना चाहिए। 

 

 

बच्ची का शव पीला पड़ गया करीब छह घंटे मौत को हो गए। महिला ने मारा है या बीमारी से मौत हुई। इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट में होगा।  ग्रामीणों के मुताबिक महिला साइको है। वह अपने पति से भी विवाद करती रहती है। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। 

 

शेरसिंह बघेल, टीआई मोघट थाना 

 

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