मनीष कनाड़े हत्याकांड / लट्‌ठ से पीटते हुए निकाला जुलूस, आंखों में आंसू और चेहरों पर दिखा खौफ, 3 को जेल; 1 रिमांड पर



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  • दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के चल समारोह में विवाद के बाद की थी हत्या, पूछताछ में आरोपी बोले- नाचने की बात पर मारा था
  • आरोपियों को पीटते हुए कोतवाली से कोर्ट तक लाई पुलिस, आरोपी बादल शर्मा अभी भी फरार

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 02:49 PM IST

खंडवा. दुर्गा प्रतिमा विसर्जन चल समारोह में बुधवार शाम घंटाघर क्षेत्र में मनीष कनाड़े की चाकुओं से गोदकर हत्या मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी पवन केशनिया, तरुण उर्फ अज्जू रायकवार, राहुल मेहरा और मोनू रायकवार निवासी बाहेती कॉलोनी को गिरफ्तार किया। जबकि आरोपी बादल शर्मा फरार है। गुरुवार शाम पुलिसकर्मी चारों आरोपियों को कोतवाली से न्यायालय तक पैदल जुलूस के रूप में लाठियों पीटते हुए ले गए। तीन आरोपियों को जेल भेज दिया जबकि तरुण उर्फ अज्जू को एक दिन की रिमांड पर लिया है।

 

हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों को बुधवार देर रात तक हिरासत में ले लिया था। पूछताछ करने पर सभी आरोपियों ने नाचने की बात पर मारपीट होना बताया है।

 

एफआईआर में भी यही लिखाया है। अस्पताल में भर्ती फरियादी पक्ष के गौरव पाठक व विकास जायसवाल के भी पुलिस रिकार्ड है, लेकिन यह दोनों भी विवाद की सही वजह नहीं बता रहे। घायल युवक काफी डरे हुए हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे को अच्छे से जानते हैं। सही कहानी अब तक सामने नहीं आई। विसर्जन के चल समारोह में ऐसे दर्जनों में मामले सामने आए जब नाचने की बात पर युवकों में विवाद की स्थिति बनी। इन मामलों में मारपीट तो क्या कहासुनी भी नहीं हुई। छोटी सी बात पर मनीष की जान ले ली।

 

रोते हुए राहुल ने कहा- मैं मर जाऊंगा
आरोपियों को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया। जुलूस के पीछे-पीछे उनके परिजन भी न्यायालय तक पहुंचे। इस दौरान आरोपी राहुल मेहरा ने जैसे ही अपनी मां को देखा तो फूटकर रोने लगा। राहुल ने कहा कि मुझे बचा लो, मैं नहीं था, मैं मर जाऊंगा। आरोपी पवन की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये सब इसने किया।

 

पीएम रिपोर्ट : फेफड़े फटने से मौत
मनीष को चाकू के तीन घाव लगे थे, उसे पहला घाव कमर के ऊपर मारा गया, जिससे फेफड़े फट गए। मनीष की पीठ, कंधे और मुंह से खून बह रहा था। पुलिस को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़े फटना बताया गया है।

 

राजकुमार बोला- भाई के हत्यारों को नहीं छोड़ूंगा
गुरुवार सुबह मनीष का अंतिम संस्कार किया गया। शाम चार बजे आरोपियों को न्यायालय ले जाते समय मृतक मनीष का बड़ा भाई राजकुमार तहसील ऑफिस की तरफ से अचानक आरोपियों के सामने आ गया। उसे सीएसपी ललित गठरे व टीआई बीएल मंडलोई ने समझाइश देकर घर जाने को कहा। राजकुमार ने कहा भाई के हत्यारों को छोड़ूंगा नहीं। टीआई ने कहा फरार बादल शर्मा व अन्य की तलाश कर रहे हैं।

 

मनीष हत्याकांड में चंदा, नशा और वर्चस्व की लड़ाई की कहानी-
शहर के इंदिरा चौक क्षेत्र में एसएन कॉलेज के अलावा कई शैक्षणिक संस्थाएं हैं। शहर के अधिकांश युवा इसी क्षेत्र में आते हैं। इंदिरा पार्क में क्षेत्र के दादा, बहादुर और भाई लोगों ने कब्जा कर लिया। इंदिरा पार्क में साल में दो बार बड़े आयोजन होते हैं। गणेशजी व माताजी की स्थापना। दोनों ही स्थापना अलग-अलग गुट के लोग करते हैं। माताजी की स्थापना जस्सू ठाकुर गुट करता था। जस्सू की पहले चौक पर काफी चलती थी। कुछ सालों पहले जस्सू के विक्षिप्त होने पर स्थापना बंद हो गई। करीब पांच साल से स्थापना का काम बादल शर्मा कर रहा था। बादल हरदा जिले के बालागांव का रहने वाला है, लेकिन वह बचपन से अपने मामा के पास बाहेती कॉलोनी में रह रहा है। 

 

इंदिरा चौक कब्जा जमाने के लिए बादल पांच साल पहले राजनीति में आया और उसने इंदिरा चौक पर नवदुर्गा स्थापना के लिए चंदा लेना शुरू किया। बादल के सक्रिय होने पर यादव गुट ने इसे रोकना चाहा। दोनों गुटों के बीच कई बार ठनी। क्षेत्र में ठाकुर, वर्मा, जायसवाल, यादव गुट का दबदबा रहा है। इन गुटों में वर्चस्व को लेकर कई बार गैंगवार हुई, इसी के चलते क्षेत्र के गुंडे राजा ठाकुर की हत्या भी हुई थी। क्षेत्रवासियों के मुताबिक इंदिरा चौक पर माताजी और गणेशजी स्थापना के लिए हर साल लाखों रुपए चंदा होता है। फिलहाल की स्थिति में इंदिरा चौक व आसपास के क्षेत्र में बादल शर्मा युवा नेता बनकर उभर रहा था। क्षेत्र के पवन, मोनू, अज्जू, राहुल और साथी उसे भाई कहने लगे थे। राजनीतिक प्रभाव के चलते छोटे-मोटे विवाद और मारपीट करने पर तो लोग उसकी रिपोर्ट तक नहीं डालने जाते और समझौता हो जाता था।

 

हत्याकांड के आरोपी राहुल मेहरा के पास मनीष डीजे साउंड का काम करता था। करीब 8 माह तक काम किया। 2 माह पहले ही राहुल व मनीष में खटपट होने पर मनीष ने काम छोड़ दिया। बुधवार को चल समारोह के विसर्जन में मनीष, गौरव, विकास का विवाद राहुल से हुआ। उसके साथ मोनू रायकवार, पवन केशनिया, अज्जू, बादल व अन्य थे। अज्जू और पवन के पास कमर में चाकू रखा हुआ था। अज्जू ने विकास और गौरव पर चाकू से वार किया। तभी उसके साथियों ने लात-घूंसों से मारपीट कर मनीष को बाइक की तरफ धकेला, जैसे ही लड़खड़ाते हुए पवन की तरफ आया तो उसने चाकू से तीन वार किए, जिससे मनीष की मौत हो गई।

 

अवैध शराब और गांजे का गढ़ बन गया है इंदिरा चौक
इंदिरा चौक अवैध शराब और गांजे का गढ़ बन गया है। क्षेत्र के बदमाश पुलिसकर्मियों व सिविल लाइंस में रहने वाले अधिकारियों के बच्चों से दोस्ती करते हैं। इसलिए समय आने पर कई बार मामला निपट जाता है। क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थाएं होने से अधिक मात्रा में गांजे की पुड़ियां बिक रही हैं।
 

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