पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Khargon News Mp News After April 15 Kharak Will Take 05 Mcm Water From The Dam

15 अप्रैल के बाद खारक बांध से लेंगे 0.5 एमसीएम पानी

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

कुंदा बैराज में 30 दिन का पानी भरा हुआ है इससे नगर पालिका को शहर में पेयजल वितरण के लिए इस खारक या देजला-देवाड़ा बांध से पानी लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी। अधिकारियों का दावा है कि 30 दिन और बैराज में पानी रहेगा। 15 अप्रैल के बाद ही खारक बांध से पानी लेंगे। साल 2019 में 40 इंच बारिश हुई थी। इसी के चलते अब तक कुंदा बैराज भरा हुआ है। इससे शहरवासियांे को पानी को लेकर परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

नपा के जल विभाग के प्रभारी अधिकारी सरजू सांगले ने बताया बारिश अधिक होने से कुंदा बैराज में भरपूर पानी है। अप्रैल तक जल वितरण के समय में कोई कटौती नहीं होगी। फिलहाल 1 घंटे तक पेजयल वितरण किया जाता है। बीते वर्षों मंे मार्च में 50 मिनट तक पानी छोड़ा जाता था। बैराज में पिछले वर्षों की अपेक्षा लीकेज भी बहुत कम हो गया है।

शहर सफाई के लिए 14 टैंकर पानी रोजाना खर्च

अब तक नपा से पानी का टैंकर किसी ने नहीं मंगाए। हालांकि शहर के शौचालय व अन्य कार्यों की सफाई के लिए 14 टैंकर पानी रोजाना नपा कार्यालय के सामने स्थित पानी की टंकी से ले जाया जा रहा है।

-निशिकांत शुक्ला, सीएमओ खरगोन

जानिए... ये 3 कारण जिससे बचा है पानी

नपा ने कुंदा नदी में पानी सुरक्षित रखने के लिए कच्चे बांध बनाए।

गेहूं-चने के लिए कुंदा से ज्यादा पानी नहीं लिया।

नपा ने कुंदा बैराज पर मरम्मत का कार्य कराया, इससे पानी की बर्बादी बची।

आंकड़े एक नजर मंे...

09

18

116
हैंडपंप शहर मंे

56
ट्यूबवेल शहर में

हजार नल कनेक्शन हैं शहर में

मिलियन क्यूबिक मीटर पानी सुरक्षित

कुंदा बैराज के दुरुस्तीकरण से लीकेज कम हुआ है।

700 नल : बगैर टोटी पर चलाएगा अभियान

शहर में अब भी करीब 700 से ज्यादा बगैर टोटी वाले नल हैं। नपा की ओर से जब पानी छोड़ा जाता है, तब इनमें से निरंतर पानी बहता रहता है। नपा ने पिछले साल ऐसे 1000 नल चिन्हित किए थे। नपा अधिकारी अब इस पर अभियान चलाकर टोटी लगाने की बात कह रहे हैं।

2019 : नवंबर में लिया था 0.5 एमसीएम पानी

2019 में बारिश की स्थिति ठीक नहीं होने के बाद नवंबर से ही खारक बांध से 0.5 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी ले लिया था। मार्च तक यह 1.5 एमसीएम तक पहुंच गया था लेकिन इस साल 14 मार्च तक पानी लेने की जरुरत नहीं पड़ी।

3

2

1
खबरें और भी हैं...