पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Bhikangauv News Mp News Excavation Of One And A Half Years Ago For Laying Canal Pipes Crop Damage Not Compensated

नहर के पाइप डालने के लिए डेढ़ साल पहले की खुदाई, फसल नुकसानी का मुआवजा नहीं दिया

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

अपरवेदा बांध की दांयी तट नहर निर्माण के मुआवजा वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। करीब डेढ़ साल से नहर के पाइप डालने का काम चल रहा है। इससे किसानों की फसल के साथ सिंचाई लाइन प्रभावित हुई। लेकिन किसानों को मुआवजा एक ही साल की नुकसानी का दिया जा रहा है। इसमें भी किसी को कम तो किसी को अधिक राशि देने पर किसान आक्रोशित है। एनवीडीए के प्रभारी एसडीओ का कहना है मुआवजा वितरण नियमानुसार हो रहा है। ठेकेदार ने काम में देरी की है। अपरवेदा बांध की दांयी तट नहर के लिए प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार ने 14 करोड़ रुपए की स्वीकृित दी थी। इसमें 7 किलोमीटर की नहर बनाना प्रस्तावित था। दिसंबर 2018 में 3.5 किलोमीटर की नहर की टेस्टिंग की गई थी। इसके बाद आगे काम शुरू किया गया। इस परियोजना में कुंडियों से किसानों को पानी दिया जाना है। नहर निर्माण से गोराड़िया, नेमीत, इगरिया, खोई, ठोकनबेड़ा, शिवना आदि गांव की करीब 4 हजार एकड़ कृषि भूमि सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन फसल सिंचाई से पहले किसान पाइप डालने के बाद मिट्‌टी को समतल नहीं करने और उचित मुआवजा नहीं मिलने से परेशान है।

किसान बोले - पहले अधिक राशि दी, फिर वसूली

एसडीएम ने अधिकार क्षेत्र के 7 गांव पोखर खुर्द, छिल्टिया, इगरिया, गोराडिया, नेमित, खोई व शिवना स्थित निजी भूमि का डक्ट अधिनियम के तहत भू-अर्जन किया। राजस्व विभाग ने एनवीडीए के भू-अर्जन अधिकारी को मुआवजा राशि के रूप में 40 लाख रुपए दिए लेकिन दस्तावेजों में 43 लाख रुपए का अवार्ड पारित कर दिया गया। सूचना के अधिकार में जानकारी मांगने पर राजस्व विभाग ने एनवीडीए के प्रभारी एसडीओ के पास भेजा। उन्होंने कुछ किसानों से वसूली करने की बात कही। बाद में जानकारी दी तो इसे भी प्रमाणित नहीं किया गया। इसमें ग्राम छिल्टिया का अवार्ड भू अर्जन अधिकारी ने 57 हजार 984 रुपए पारित किया। बाद में इसे 29 हजार 202 रुपए कर दिया। ग्राम शिवना के किसान गोपालसिंह पिता रूपसिंह का 4866 रुपए का अवार्ड पारित हुआ लेकिन उनके खाते में 1 लाख 91 हजार 657 रुपए जमा कर दिए। किसान ने कहा बाद में पुलिस कार्रवाई का डर बताकर प्रभारी एसडीओ ने 1 लाख 86 हजार 817 रुपए वसूल किए लेकिन इसकी रसीद नहीं दी। 5 दिन बाद यह राशि सरकारी खजाने में जमा करवाई गई। इसके चालान पर राशि जमा करने वाले के स्थान पर किसान गोपाल का नाम लिखा, जबकि सील अनुविभागीय अधिकारी की लगाकर हस्ताक्षर भी कर दिए गए।

ठेकेदार ने की काम में देरी, वह ही दे मुआवजा

-केआर मेहता, प्रभारी एसडीओ, एनवीडीए

14 करोड़ रु. में 7 किलोमीटर की नहर बनाना प्रस्तावित

450 मीटर खुदाई, 280 मीटर का दिया मुआवजा

गोराडिया के किसान विनोद जायसवाल ने बताया पाइप डालने खेत के बीच से करीब 450 मीटर खुदाई की। सिंचाई लाइन भी क्षतिग्रस्त कर दी लेकिन मुआवजा मात्र 1 साल और 280 मीटर का ही मिला है। पूछने पर 20 से 25 दिन में काम खत्म करने की बात कही गई। लेकिन 18 माह बाद भी 3 पाइप लगाना बाकी है। पाइप डालने के बाद मिट्‌टी नीचे और पत्थर ऊपर डाल दिए हैं। खेती करने में दिक्कतें आ रही है। किसान तुलसीराम पेंढारे ने कहा ऊंचाई पर खेत होने से मुख्य पाइंट से कनेक्शन देने की गुहार एसडीएम, तहसीलदार व एनवीडीए के अधिकारियों से लगाई। एनवीडीए कार्यपालन यंत्री ने ठेकेदार को निर्देश भी दिए लेकिन पाइंट नहीं छोड़ा गया।

शिवना क्षेत्र में पाइप डालने के लिए इस तरह खुदाई की जा रही है।
खबरें और भी हैं...