भगवान का किया अभिषेक, गणेश अथर्वशीर्ष का किया पाठ
सनावद | नगर में गुरुवार को मूंदी-पुनासा मार्ग स्थित प्राचीन श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में चैत्र मास की संकष्टी गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया। पंडित राजेंद्र व्यास ने बताया पंडित संदीप चौरे के आचार्यत्व में संकष्टी चतुर्थी पर सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में सुबह भगवान का सहस्त्र गणेशवर्तन के पाठ से दुग्ध अभिषेक व एक हजार श्री गणेश अथर्वशीष के पाठ का जाप किया। जिसे 8 वैदिक विद्वान ब्राह्मणों ने पूरा किया। बहुला चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है। साल में कुल 12 चतुर्थी होती है। इसमें चार प्रमुख चतुर्थियां होती है। इसमें भाद्र कृष्ण पक्ष, कार्तिक कृष्ण पक्ष, माघ कृष्ण पक्ष, वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्थी प्रमुख होती है। चतुर्थी पर भगवान का पूजन व्रत करने से विद्यार्थियों को विशिष्ट सफलता के साथ सुहागन स्त्री के सौभाग्य की वृद्धि व जिनके विवाह में विलंब हो रहा है। वह विलंब दूर होता है। भगवान श्री गणेश व माता रिद्धि-सिद्धि का आकर्षक शृंगार पुजारी व्यास ने किया। अंत में महाआरती के साथ प्रसादी वितरण किया। इस दौरान हरिओम बिर्ला, पं. मधुसूदन कराहे, पं. संजय शर्मा, पं. सत्यनारायण सोहनी, पं. शुभम शर्मा, पं. अरुण चौरे व अन्य श्रद्धालु मौजूद थे।
भगवान का पूजन करते ब्राह्मण।