अतिकम वजन के बच्चों की तेल मालिश की
कुपोषण निवारण के तरीके बताए, 46 महिलाओं व बच्चों का स्वास्थ्य जांचा
शासकीय आयुर्वेद औषधालय ठिबगांव ने पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को ग्राम के आंगनवाड़ी केंद्र 2 पर कुपोषण निवारण शिविर का आयोजन किया। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डाॅ. मुकेश कुमार सैते ने 46 महिलाओं व बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
अति कम वजन के बच्चों की तेल मालिस का तरीका बताते हुए सुपोषण औषधि व बला तैल का वितरण भी किया। पोषण पखवाड़ा का मुख्य उद्देश्य बताते हुए डॉ. सैते ने कहा जीवन के पहले 1000 दिन के दौरान स्वास्थ्य व पोषण की बहुत आवश्यकता होती हैं। जन्म के प्रथम 2 साल सतत स्तनपान व सही समय पर ऊपरी आहार देते हुए बच्चे की शारीरिक वृद्धि की निगरानी करते रहना चाहिए। किशोरी शिक्षा, पोषण, शिक्षा का अधिकार, सही उम्र में विवाह, सफाई, स्वच्छता आदि का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आयुष जीवन शैली (आहार-विहार) अपनाओ स्वस्थ जीवन पाओ का आह्वान करते हुए कहा हमें व्यक्तिगत रूप से स्वस्थ रहते हुए हमारे घरों के आसपास पालक, आंवला, अमरुद, नींबू आदि पौधे लगाना चाहिए। कंपाउंडर रमेशचंद्र मंडलोई ने पंजीयन किया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कुसुमलता अत्रे, सुशीलाबाई, सरजू, संगीता, नीतू, र|ा, सुगनाबाई आदि मौजूद थे।
कुपोषण से बचाव के लिए करें घरेलू औषधियों का उपयोग
महेश्वर | आयुष विभाग ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष हेल्थ वेलनेस प्रशिक्षण का आयोजन किया। तहसील की आशा कार्यकर्ताओं को योग-प्राणायाम व आयुष विभाग की कार्ययोजना की जानकारी दी गई। डॉ. जेपी चौहान महेतवाड़ा व डॉ. महेंद्र कवचे बड़वेल ने आयुर्वेद की जनोपयोगी व आसानी से उपलब्ध होने वाले औषधियों व उनके उपयोग के बारे में बताया। डॉ. वीरेंद्र भोंसले पथराड़, डॉ. शांतिलाल मंडलोई भामपुरा व डॉ. शैलेंद्र मंडलोई बबलई ने ऋतुचर्या, दिनचर्या, रात्रिचर्या, आहार-विहार, कुपोषण व कोरोना वायरस से बचाव व रोकथाम के साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, चर्म रोग आदि बीमारियों में उपयोगी घरेलू औषधियों का प्रशिक्षण दिया। अस्पताल के बीपीएम एसएस चौहान, केसी शुक्ला आदि का सहयोग रहा।
घरेलू औषधी पौधे व उनके उपयोग की जानकारी दी।
बच्चों की मालिस का तरीका बताया।