- Hindi News
- National
- Khargon News Mp News The Sarpanch Will See The Functioning Of The Panchayat Till The Election By Becoming The Village Head
ग्राम प्रधान बनकर चुनाव तक पंचायत में कामकाज देखेंगे सरपंच
मतदाता सूची में शामिल अन्य दो सदस्य मनोनीत किए जाएंगे
ग्राम पंचायत चुनाव की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो गई है। 13 मार्च 2015 को पंचायत चुनाव हुए थे। इस हिसाब से 12 मार्च को पांच साल बाद सरपंचों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसे देखते हुए चुनाव बाद वैकल्पिक व्यवस्था होने तक ग्राम पंचायतों के खातों का परिचालन एवं आहरण संवितरण पर रोक लगा दी जाएगी।
शासन स्तर से सरपंचों के हस्ताक्षर से राशि आहरण पर पाबंदी लगा देने संबंधी पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग अवर सचिव शोभा निकुम ने आदेश जारी किए हैं। चुनाव तक ग्राम पंचायतों के कार्यकलापों के सुचारू संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर आगामी तीन दिनों में प्रशासकीय समिति गठित की जाएगी। समिति में वे सब पदाधिकारी जो कार्यकाल खत्म होने से पहले पंचायत के सदस्य रहे हैं, सदस्य बनाए जाएंगे। कार्यकाल खत्म होने के पूर्व सरपंच को इस समिति का प्रधान व पंचायत सचिव को समिति का सचिव बनाया जाए। साथ ही दो ऐसे व्यक्ति मनोनीत किए जाएंगे, जिनका नाम संबंधित पंचायत की मतदाता सूची में हो। यह समिति नए सरपंच व सदस्यों के चुनाव तक काम करती रहेगी। यह समिति ग्राम पंचायत के खातों से राशि का आहरण संवितरण करेगी। जिपं सीईओ डीएस रणदा का कहना है पंचायत स्तर पर निर्देशों के तहत प्रक्रिया शुरू हो गई है।
25 को जपं व 26 को जिपं का कार्यकाल भी पूरा
पंचायतों के बाद जनपद व जिला पंचायत स्तर के चुनाव की भूमिका भी तैयार होगी। इसी माह 25 मार्च को जनपद व 26 मार्च को जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है।
जनपदस्तर पर पंचायतों की ये स्थिति
सेगांव 40, गोगावां 48, भीकनगांव 86 भगवानपुरा 71, झिरन्या 95, कसरावद 93, खरगोन 46, महेश्वर 91, बड़वाह 144.
115 पंचायतों को पहली बार मिलेगा सरपंच
जिले में पहले से ही 594 पंचायतें हैं। इसके बाद एक हजार से अधिक आबादी के बाद 115 गांवों में पंचायतों का नवगठन किया गया है। यहां पहली बार सरपंच व पंच चुने जाएंगे।
पंचायतीराज अधिनियम में होगा गठन व कामकाज
{पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 87 (3)(ख) अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था होने तक ग्राम पंचायतों के खातों का परिचालन एवं आहरण संवितरण सरपंचों के हस्ताक्षर से किए जाने पर पाबंदी जगाई जाना है।
{अधिनियम, 1993 की धारा 87 की उपधारा (3) (ख) अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत हेतु एक प्रशासकीय समिति का गठन होगा।
{अधिनियम 1993 की धारा 66 एवं सुसंगत नियमों के अनुसार ग्राम पंचायत के खातों से राशि का आहरण संवितरण कर सकेंगे।