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ध्वज पूजन व भजनों से की नर्मदा की आराधना

एक वर्ष पहले
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नर्मदा तट के ग्राम खलसाटक से गुरुवार को 5 दिनी श्री सटकेश्वर नर्मदा पंचकोसी पदयात्रा शुरू हुई। नर्मदा पूजन व ओंकार ध्वज के साथ निकले यात्रियों का जगह-जगह स्वागत किया गया।

यात्री खलघाट, मोरगढ़ी होकर शुक्रवार देर शाम यहां पहुंचे। यात्रा में शामिल 100 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने घाट पर ध्वज पूजन किया। भजनों से मां नर्मदा की आराधना की। रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह नर्मदा पूजन कर यात्रा शुरू की। नर्मदा हर का जयघोष करते मंडलेश्वर की ओर रवाना हुए। गुलाबसिंह चौहान, सौभागसिंह गरीबदास बाबा आदि ने बताया मंडलेश्वर से नाव से माकड़खेड़ा जाएंगे। यहां से कठोरा आश्रम, शालीवाहन, बलगांव होकर पानवा माता के दर्शन करेंगे। श्रद्धालु रामलाल दादा राधे-राधे ने बताया पूर्णिमा सोमवार को वापस खलसाटक आश्रम में यात्रा का समापन होगा।

केसरिया की चल पिचकारी गुलाल उड़ाओ

गोगावां | ग्राम छोटी ठिबगांव में भागवत ज्ञान गंगा समिति ने शुक्रवार रात भजन संध्या का आयोजन किया। निमाड़ी लोकगीत गायक शिव गुप्ता सेल्दा ने भजनों की प्रस्तुति दी। गणेश वंदना के बाद फाग गीत “केसव फुलिया अतिभारी फागुन आयो, केसरिया की चल पिचकारी गुलाल उड़ाओ.., कान्हो म्हारो खेल बिरज म होलई..’’ के साथ पुलवामा हमले पर भी गीत सुनाया। आयोजन के दौरान चुटकुले व हास्य प्रस्तुति को भी सराहा गया। विष्णु यादव, यशवंत यादव, हुकुम यादव, गोवर्धन यादव आदि मौजूद थे।

घाट पर भजनों से मां नर्मदा की आराधना की।
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