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पति को फल व पत्नी को फूल का पौधा देकर न्यायाधीश बोले- इनकी तरह फलो-फूलो

Khargon News - शहर के न्यायालय परिसर में 8 दिसंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें न्यायाधीश चारुलता दांगी व महेंद्र...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 04:40 AM IST
Sanavad News - the judge told the husband to give the fruit and the wife a flower
शहर के न्यायालय परिसर में 8 दिसंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें न्यायाधीश चारुलता दांगी व महेंद्र सैनी के निर्देश में विभिन्न प्रकरणों का निराकरण किया गया। न्यायाधीश चारुलता दांगी की अदालत में 7 माह से ससुराल गई प|ी को समझाइश के बाद दोबारा मिलाया गया। इसमें न्यायाधीश ने पति को फल और प|ी को फूल का पौधा देते हुए कहा कि जिस प्रकार फल लोगों का पेट भरता है। फूल माहौल को सुगंधित बनाता है। उसी प्रकार तुम दोनों भी फलो और फूलो। प|ी संतोषबाई निवासी बकावा ने पति लोकेश पिता चैनसिंह केवट पर भरण पोषण का 2 मई व घरेलू हिंसा का 25 मई को प्रकरण दर्ज कराया था। दोनों पक्षों के वकील कृष्णराव सोनाने व एहसान अहमद हिलाल व न्यायाधीशों की समझाइश पर दोनों पक्षों ने राजीमर्जी से समझौता किया। शनिवार को सुबह नेशनल लोक अदालत में बैंक, नगर पालिका, बीएसएनएल सहित अन्य प्रकरण के निराकरण के लिए स्टॉल लगाए गए थे।

न्यायालय के संतोषसिंह खन्ना ने बताया न्यायाधीश चारुलता दांगी की अदालत में फौजदारी के आपराधिक प्रकरण में 30 में से 6 निराकरण, चैक बाउंस के मामले में 40 में से 14 का निराकरण कर 15 लाख 35 हजार 522 रुपए वसूले, पति-प|ी के विवाद के 25 में से 12 मामलों का निराकरण, सिविल के 30 में से 7 का निराकरण कर 1 लाख 78 हजार 560 रुपए वसूल किए गए। वहीं न्यायाधीश महेंद्रसिंह सैनी की अदालत में फौजदारी के आपराधिक प्रकरणों में 30 में से 2 निराकरण, चैक बाउंस के 28 में से 1 का निराकरण, पति-प|ी के विवाद के 12 में से 6 मामलों का निराकरण किया गया। सिविल के 4 में से एक का भी निराकरण नहीं हुआ। इसी प्रकार नगर पालिका के 4186 में से 216 का निराकरण किया गया। इसमें जलकर के 1 लाख 58 हजार व संपति कर के 2 लाख 84 हजार 28 रुपए वसूल किए गए। बीएसएनएल के 40 में से 11 का निराकरण कर 16 हजार 783 रुपए व बैंक के 505 में से 9 का निराकरण कर 1 लाख 5 हजार 385 रुपए वसूल किए गए।

फल व फूल के पौधे लेकर खड़े लोकेश-संतोषबाई और न्यायाधीश।

लोक अदालत में मिले बिछड़े परिवार

भास्कर संवाददाता | बड़वाह

नेशनल लोक अदालत की शुरुआत शनिवार को सुबह 10.30 बजे प्रथम अपर जिला व सत्र न्यायाधीश कमल जोशी, व्यवहार न्यायाधीश जितेंद्रसिंह परिहार, अधिवक्ता व न्यायिक व विद्युत विभाग के कर्मचारी की उपस्थिति में हुई। सरस्वतीजी व गांधीजी की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम शुरू किया।

दोनों न्यायालय के पूर्व से नियत राजीनामे के वैवाहिक व अन्य धाराओं के प्रकरणों में पति-प|ी ने एक-दूसरे के साथ जीवन यापन करने की सहमति देते हुए दुर्गा पति ओम, आरती पति सुनील व लक्ष्मीबाई पति लखन ने एक-दूसरे को माला पहनाकर वैवाहिक जीवन की पुर्नस्थापना को स्वीकार किया। जिन्हें न्यायाधीश ने न्यायवृक्ष प्रदान कर जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। इसके विपरीत दो अन्य प्रकरणों में पति-प|ी का आपसी सामंजस्य ना होने से दोनों ने लोक अदालत के माध्यम से ही विवाह विच्छेद को स्वीकार किया। राजीनामे के माध्यम से लोक अदालत में विद्युत विभाग के लगभग 37 प्रकरणों में 3 लाख 75 हजार 590 की राशि वसूल हुई। विभिन्न श्रेणी की बैंक नगर पालिका के जल और संपत्ति कर के प्रकरण निराकृत हुए। उपस्थित पक्षकारों को न्यायाधीश द्वारा वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए आम, नीम, सीताफल, जाम, गुड़हल के पौधे वितरित किए। लगभग 800 से अधिक पौधों का वितरण किया गया। विभिन्न श्रेणी के प्रकरणों में एसबीआई के 2 प्रकरणों में 71 हजार रुपए, नर्मदा रोड शाखा के 4 केसों में 22 हजार रुपए, बीएसएनएल के 6 केसों में 7130 रुपए, नगरपालिका के जलकर के 83 केसों में 1 लाख 29 हजार 540 रुपए, विभिन्न वसूली प्रकरणों में 2 लाख रुपए की वसूली हुई।

लोक अदालत में एक दूसरे को माला पहनाते दंपति।

भास्कर संवाददाता | बड़वाह

नेशनल लोक अदालत की शुरुआत शनिवार को सुबह 10.30 बजे प्रथम अपर जिला व सत्र न्यायाधीश कमल जोशी, व्यवहार न्यायाधीश जितेंद्रसिंह परिहार, अधिवक्ता व न्यायिक व विद्युत विभाग के कर्मचारी की उपस्थिति में हुई। सरस्वतीजी व गांधीजी की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम शुरू किया।

दोनों न्यायालय के पूर्व से नियत राजीनामे के वैवाहिक व अन्य धाराओं के प्रकरणों में पति-प|ी ने एक-दूसरे के साथ जीवन यापन करने की सहमति देते हुए दुर्गा पति ओम, आरती पति सुनील व लक्ष्मीबाई पति लखन ने एक-दूसरे को माला पहनाकर वैवाहिक जीवन की पुर्नस्थापना को स्वीकार किया। जिन्हें न्यायाधीश ने न्यायवृक्ष प्रदान कर जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। इसके विपरीत दो अन्य प्रकरणों में पति-प|ी का आपसी सामंजस्य ना होने से दोनों ने लोक अदालत के माध्यम से ही विवाह विच्छेद को स्वीकार किया। राजीनामे के माध्यम से लोक अदालत में विद्युत विभाग के लगभग 37 प्रकरणों में 3 लाख 75 हजार 590 की राशि वसूल हुई। विभिन्न श्रेणी की बैंक नगर पालिका के जल और संपत्ति कर के प्रकरण निराकृत हुए। उपस्थित पक्षकारों को न्यायाधीश द्वारा वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए आम, नीम, सीताफल, जाम, गुड़हल के पौधे वितरित किए। लगभग 800 से अधिक पौधों का वितरण किया गया। विभिन्न श्रेणी के प्रकरणों में एसबीआई के 2 प्रकरणों में 71 हजार रुपए, नर्मदा रोड शाखा के 4 केसों में 22 हजार रुपए, बीएसएनएल के 6 केसों में 7130 रुपए, नगरपालिका के जलकर के 83 केसों में 1 लाख 29 हजार 540 रुपए, विभिन्न वसूली प्रकरणों में 2 लाख रुपए की वसूली हुई।

न्यायाधीश बोले- जरुरतमंद को लाभ पहुंचाना ही लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य

भास्कर संवाददाता | मंडलेश्वर

जरूरतमंद व निर्धन वर्ग को लाभ पहुंचाना ही लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है। सभी से इसी उद्देश्य के साथ कार्य करने व लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए अपेक्षित सहयोग प्रदान किया जाए। शनिवार को नेशनल लोक अदालत के शुभारंभ पर जिला न्यायालय मंडलेश्वर के जिला न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष बीआर पाटिल ने यह बात कही। जिला न्यायाधीश ने सभी न्यायाधीश, अधिवक्ता, अधिकारियों के साथ नेशनल लोक अदालत में प्रकरण निराकरण के लिए बनाए गए विभिन्न विभागों के काउंटरों व न्यायालयों का भ्रमण कर निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान जिला न्यायाधीश ने विभिन्न विभागों के काउंटरों पर जाकर उपस्थित संबंधित विभाग के अधिकारियों को पक्षकारों की समस्याओं व मामलों को सुने जाने व निराकरण किया जाने के निर्देश दिए। निराकृत मामलों में पक्षकारों को पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से राजीनामा के स्मृति चिन्ह के रूप में पौधे भी निःशुल्क प्रदान किए।

नेशनल लोक अदालत में व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 हिमांशु शर्मा की गठित खंडपीठ में प्रीलिटिगेशन प्रकरण में भारतीय स्टेट बैंक शाखा मंडलेश्वर का दिनेश उपाध्याय ने आवेदन दिया। इस प्रकरण में वर्ष 2012 में अनावेदक ने पुत्र के लिए एजुकेशन लोन लिया गया। जिसमें 2 लाख 70 हजार 935 रुपए की राशि बकाया होकर बैंक द्वारा नेशनल लोक अदालत में अनावेदक को राशि 1 लाख 20 हजार 935 रुपए के ब्याज की छूट दी देकर 1 लाख 50 हजार रुपए में राजीनामा हुआ। विशेष न्यायाधीश विद्युत आरती शर्मा की गठित खंडपीठ में विद्युत प्रीलिटिगेशन के प्रकरण में विद्युत विभाग ने अनोखीलाल केशव के खिलाफ विद्युत चोरी का मामला पेश किया था। इसमें 9204 रुपए के प्रकरण में 5523 रुपए देकर राजीनामा हुआ। बीएसएनएल प्रीलिटिगेशन प्रकरण में विभाग ने सुरेशचंद्र जोशी के खिलाफ बिल बकाया वसूली का मामला पेश किया था। इस प्रकरण में 500 रुपए में राजीनामा हुआ। अखिलेश जोशी, विवेकसिंह रघुवंशी, एडीजे आरती शर्मा, एडीजे अरूण खरादी, हिमांशु शर्मा, जीशान खान, एसडीओपी हेमंत चौहान, अशोक कुमार महिवाल, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष कार्तिक जोशी मौजूद थे।

प्रकरणों की जानकारी लेते जिला न्यायाधीश बीआर पाटील।

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