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नौकरी दिलाने के बहाने सहेली को बुलाकर बेचने के 5 आरोपियों को 7-7 साल की कैद

सिराल्या अपने काका के घर जाने का कहकर गई लेकिन तब से वापस नहीं लौटी थी भास्कर संवाददाता | खातेगांव युवती को...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:55 AM IST
सिराल्या अपने काका के घर जाने का कहकर गई लेकिन तब से वापस नहीं लौटी थी

भास्कर संवाददाता | खातेगांव

युवती को नौकरी दिलाने के बहाने बुलाकर अपहरण करने और फिर बेचे जाने के मामले में कोर्ट ने युवती की सहेली सहित खरीदने और बेचने वालों को 7-7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश खातेगांव मनोज तिवारी ने आरोपी बद्री बाबूलाल रूनीजा, लालू मांगीलाल 38 साल पानपुर बड़ोद थाना नाहरगढ़, राधाबाई ठाकुर भमोरी थाना विजयनगर इन्दौर, धर्मेंद्र ठाकुर भमोरी थाना विजयनगर इन्दौर, रानू उर्फ आरती पति रघुराम उर्फ अजय ठाकुर 23 साल निवासी अजनास हाल मुकाम मण्डीदीप भोपाल को 7-7 साल की सजा एवं 5-5 हजार रुपए का अर्थदंड किया।

लोक अभियोजक गिरधर गोपाल तिवारी ने बताया 25 मई 2016 को खेल शिक्षक योगेश जाणी के पास उनकी एक पुरानी शिष्या का फोन आया कि वह कहीं राजस्थान के जंगल में है और कुछ लोग उससे उनके द्वारा दिए गए 70,000 रुपए वापस मांग रहे हैं। शिक्षक ने इस संबंध में पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तत्काल युवती के परिजन को बुलाया। परिजनों ने बताया पुत्री सिराल्या अपने काका के घर जाने का कहकर गई लेकिन तब से वापस नहीं लौटी। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।

सुवासरा के जंगल से बरामद किया था युवती को

पुलिस ने राजस्थान सीमा से लगे ग्राम रूनीजा थाना सुवासरा जिला मंदसौर के जंगल से घेराबंदी कर युवती को दलालों एवं आरोपियों से मुक्त कराकर बरामद किया था। युवती ने पुलिस को बताया उसकी अजनास में रहने वाली सहेज रानू जो भोपाल चली गई थी, उससे उसकी बात होती रहती थी। उसके बहकावे में आकर भोपाल चली गई। रानू ने वहां वैश्यावृत्ति कराने का प्रयास किया। विरोध करने पर इंदौर में राधाबाई नाम की महिला को बेच दिया। यहां से राधाबाई ने रूनीजा के बबलू और बद्री को बेच दिया। बबलू को कहा कि यदि बुरा काम किया तो फंसी लगा लूंगी। उसने 70 हजार रुपए देने वापस करवाने पर छोड़ने की बात कही। पैसा वापस दिलाने के बहाने से खातेगांव के शिक्षक को फोन लगा बताया।