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62 लाख खर्च कर लगाई थीं एलईडी महीने में 10 दिन तो खराब ही रहती हैं

2.5 साल पहले सर्वधर्म से बैरागढ़ चीचली तक लगाई गई थी एलईडी स्ट्रीट लाइट।

Dainik Bhaskar

Nov 25, 2017, 08:39 AM IST
LEDs remain bad for 10 days a month

कोलार रिपोर्टर। कोलार के प्रवेश द्वार सर्वधर्म से लेकर बैरागढ़ चीचली तक जिस रोड को रोशन करने के लिए नगर निगम ने 62 लाख रुपए खर्च किए थे, वह रोड पिछले हफ्ते अंधेरे में डूबी थी। यह स्थिति पिछले ढाई साल में कई बार बनी। रहवासियों ने बताया कि यह स्ट्रीट लाइट महीने में 10 दिन तो खराब ही रहती हैं जिससे सड़क पर अंधेरा पसरा रहता है। लेकिन जिम्मेदार एजेंसी इसके मेंटेनेंस पर ध्यान देती हैं और ही नगर निगम के अफसर।

- बताया जा रहा है कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण आए दिन स्ट्रीट लाइट का फ्यूज उड़ जाता है जिस कारण यह दिक्कत होती है। इसके बावजूद इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया जा रहा है। निगम अफसरों के मुताबिक एके गुप्ता एंड कंपनी ने यहां स्ट्रीट लाइट लगाई थी, कंपनी के पास इसके मेंटेनेंस का 5 साल का जिम्मा है। लेकिन कंपनी की लापरवाही के कारण स्ट्रीट लाइट्स अक्सर बंद ही रहती हैं।

सारी लाइट्स रहती हैं चालू
ननि के विद्युत विभाग के एई पवन मेहरा का कहना हैं कि 100 प्रतिशत लाइट्स चालू रहती है। मैं स्वयं चैक करता हूं। कभी कभार कर्मचारी को लाइट चालू करने में देरी हो जाती है। या फिर फ्यूज उड़ जाता है। तब एक लाइन बंद हा़े सकती है। -,

गड़बड़ी का दिया हवाला
- मेनरोड पर अक्सर पसरे रहने वाले अंधेरे में बारे में जब जिम्मेदार अफसर से बात की तो उन्होंने तकनीकी गड़बड़ी का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला लिया। उनका कहना था कि पूरे रोड की लाइट कभी बंद नहीं रहती है। जहां फ्यूज रहता है वहीं की लाइन बंद हो सकती है। फ्यूज की जानकारी मिलते ही उसको सुधार दिया जाता है। जिसके बाद लाइन तुरंत चालू कर दी जाती है।
- कोलार के प्रवेश द्वार सर्वधर्म से लेकर बैरागढ़ चीचली तक हफ्ते भर रोड अंधेरे में डूबी रही। आलम यह है कि करीब हफ्ते भर तक लाइट्स इसी तरह बंद रहती है, लेकिन जिम्मेदार इसके मेंटेनेंस पर लापरवाही बरतते हैं। इसके चलते यहां से निकलने वाले वाहन चालक और राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।


ननि सीमा तक नहीं लगी लाइटें
बैरागढ़चीचली से लेकर इनायतपुर तक करीब चार कि.मी रास्ते पर अंधेरा छाया रहता है। जबकि इस सड़क पर ननि की सीमा तक लाइट लगाई जानी थी। यह बात स्वयं एमआईसी मेंबर भूपेंद्र माली ने जनता से कहा था, लेकिन इसके बावजूद यहां आज तक लाइट नहीं लगाई गई। जबकि इस रोड पर करीब दो दर्जन से अधिक कॉलोनियों बनी हैं।



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