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रोज किनारे से डेढ़ फीट दूर जा रहा नर्मदा का पानी

कुक्षी. नर्मदा नदी का पानी कम होता जा रहा है। कुक्षी में रहवासियों के सामने जलसंकट का खतरा भास्कर संवाददाता |...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:00 AM IST
कुक्षी. नर्मदा नदी का पानी कम होता जा रहा है।

कुक्षी में रहवासियों के सामने जलसंकट का खतरा

भास्कर संवाददाता | कुक्षी

नर्मदा के सिकुड़ते स्वरूप से गर्मी के प्रारंभिक माह मार्च में ही कुक्षी क्षेत्रवासियों को भीषण पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है। प्रतिदिन नर्मदा का पानी किनारे एक से डेढ़ फीट दूर जा रहा है। इसी तरह से जल स्तर गिरता रहा तो आगे गर्मी में क्या स्थिति सामने आएगी। नगर परिषद कुक्षी के डेहर स्थित वाटर स्टोरेज इंटेकवेल से नर्मदा सिकुड़ती हुई 600 फीट दूर जा पहुंची है। जल स्तर कम होने से पानी का स्टोरेज आवश्यकता अनुसार नहीं हो पा रहा है।

जल प्रदाय व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने और आने वाले समय में गहराने वाले जलसंकट से निपटने के लिए नगर परिषद कुक्षी के अध्यक्ष मुकाम सिंह किराड़े, पार्षद संजय सिर्वी, युसुफ अगवान, बाबू काग शनिवार को ग्राम डेहर मे स्थित इंटकवेल का निरीक्षण करने पहुंचे। बुरे हालातों पर मुकाम सिंह किराड़े ने गहरी चिंता जताई। कहा कि इस वर्ष से प्रारंभ हुए गुजरात के सरदार सरोवर बांध से गुजरात के अधिकांश इलाकों मे सिंचाई हो रही है। प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में भी नर्मदा नदी से लगातार हो रही सिंचाई के कारण नदी का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। ऐसे में आनेवाले समय में कुक्षी नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी का भयानक संकट खड़ा हो सकता है। सीएम को समस्या से अवगत करवाकर गुजरात एवं मप्र में नर्मदा से की जा रही सिंचाई पर फिलहाल रोक लगवानेे के साथ ही कलेक्टर द्वारा पेयजल अधिनियम के तहत सिंचाई पर प्रतिबंध लगाने के लिए पत्राचार किया जाएगा। उन्होंने कहा हमारा प्रतिनिधिमंडल जल्द सीएम से मुलाकात कर ओंकारेश्वर परियोजना बांध के गेट खुले रखने का आग्रह करेगा। किराड़े ने पानी का उपयोग सावधानी से करने की अपील क्षेत्रवासियों से की है।