• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Kukshi News
  • बीमारी से बेटे की हुई मौत के बाद ससुर ने बहू का कराया पुनर्विवाह
--Advertisement--

बीमारी से बेटे की हुई मौत के बाद ससुर ने बहू का कराया पुनर्विवाह

कुक्षी में शुक्रवार को राठौड़ समाज के बाबूलाल पिता छगनलाल राठौड़ ने पुत्र वधू का बेटी की तरह कन्यादान कर एक अच्छी...

Danik Bhaskar | Jun 30, 2018, 02:50 AM IST
कुक्षी में शुक्रवार को राठौड़ समाज के बाबूलाल पिता छगनलाल राठौड़ ने पुत्र वधू का बेटी की तरह कन्यादान कर एक अच्छी पहल की है। इससे समाज ही नहीं अन्य लोग भी प्रेरणा लेंगे। राठौड़ ने अपने बेटे संजय राठौड़ (38) की बीमारी से मौत हो जाने के बाद बहू का पुनर्विवाह करवाया। बेटी की तरह उसका कन्यादान भी किया। बाबूलाल ने लोग क्या कहेंगे, समाज क्या कहेगा इसे नजरअंदाज करते हुए परिवारजन से बात की और सहमति बनने पर बहू की शादी की।

कुक्षी. गणेश मंदिर में दिलीप राठौड़ माया को मंगलसूत्र पहनाते हुए।

राठौड़ ने पुत्रवधू माया राठौड़ का पुनर्विवाह खरगोन निवासी दिलीप पिता कन्हैयालाल राठौड़ के साथ कुक्षी के गणेश मंदिर में करवाया। उन्होंने हमेशा बहू के साथ बेटी जैसा व्यवहार किया। वहीं बहू, पोते-पोती की खुशियों के लिए नगर के गणेश मंदिर में सामाजिक परंपराओं के साथ बहू को बेटी बनाकर उसका कन्यादान भी किया। बहू के पुनर्विवाह को लेकर बाबूलाल राठौड़ ने ही पहल करते हुए परिवारजन के बीच अपनी बात रखी थी। जिस पर पूरे परिवार में आपसी सहमति बनने के बाद वर की तलाश शुरू की गई। सब्जी व्यापारी दिलीप राठौड़ के साथ रिश्ता पक्का कर माया का शुक्रवार को विवाह कराया।

इस पहल की समाज प्रमुख व शहरवासियों ने की सराहना

संजय राठौड़ की बीमारी के कारण दिसंबर 2013 में मौत हो गई थी। परिवार में माया के अलावा सास शांतिबाई, ससुर बाबूलाल, सात वर्ष की बालिका उन्नति चौथी में व बालक कुलदीप केजी फर्स्ट में है। पुत्र की मौत के बाद पान व किराना दुकान बंदकर बाबूलाल राठौड़ आटा चक्की का संचालन करते हैं। राठौड़ परिवार की इस पहल का समाज के प्रमुखों व शहरवासियों ने भी सराहना की है। समाज को संदेश दे सके इस तरह का मामला पूर्व में यहां सामने नहीं आया है।