--Advertisement--

जिह्वा का आभूषण है श्रीराम का नाम: त्रिवेदी

Dainik Bhaskar

May 08, 2018, 04:00 AM IST

Kukshi News - जिस तरह शरीर के सभी अंगों के अपने-अपने आभूषण हैं ठीक उसी तरह जिह्वा का आभूषण है श्रीराम का नाम। जिस भक्त ने भी...

जिह्वा का आभूषण है श्रीराम का नाम: त्रिवेदी
जिस तरह शरीर के सभी अंगों के अपने-अपने आभूषण हैं ठीक उसी तरह जिह्वा का आभूषण है श्रीराम का नाम। जिस भक्त ने भी श्रीराम नाम रूपी मुद्रिका अपनी जिह्वा पर रख ली है उसके जीवन की सभी कठिनाइयां समाप्त हो गई है जैसे कि सौ योजन का समुद्र भी श्रीराम भक्त हनुमानजी ने बड़ी आसानी से पार कर लिया था। इसका मुख्य कारण है कि उनके मुख में भगवान राम नाम की मुद्रिका थी मानव जीवन के समस्त संकटों की निवृत्ति का मूलमंत्र है श्रीराम का नाम। वर्तमान में हो रहे प्रकृति के दोहन पर गुरुजी ने कहा कि आज का मानव प्रकृति से खिलवाड़ कर प्रकृति का विनाश कर रहा है। मां नर्मदा के तट पर जाकर आस्था के नाम पर अपने पुराने कपड़ों का त्याग,अन्य पूजन सामग्री के पैकेट वहीं पर छोड़ देते हैं जिससे मां नर्मदा एवं अन्य नदियां दूषित हो रही है।

उक्त वचन नगर के सुतार मोहल्ले में संकट मोचन हनुमान मंदिर समिति द्वारा आयोजित रात्रि कालीन संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव के सातवें दिन रविवार को पंडित संजय कृष्ण त्रिवेदी कांटाफोड़(देवास)ने श्रद्धालुओं ने कहे। उन्होंने कहा, धरती पर मानव के साथ ही अन्य जीवों के लिए अति आवश्यक वृक्षों की उपयोगिता एवं वृक्षारोपण से होने वाले लाभ के बारे में उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। बड़, पीपल,नीम आदि के पेड़ लगाने से पितृ प्रसन्न होते हैं दस पीपल के पेड़ लगाने से एक अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है। प्रकृति भगवान विराट का श्रंगार है पेड़-पौधे भगवान की रोमावली है नदिया भगवान की ग्रन्थियां हैं नदियों को दूषित करना पेड़ पौधों को काटना भगवान के श्रंगार को बिगाड़ने के समान है। मानव को अपने बच्चों के जन्मदिन एवं अपने पूर्वजों की पुण्यतिथि पर एक वृक्ष लगाने का संकल्प अवश्य लेना चाहिए जिससे प्रकृति का उत्थान और मानव का कल्याण भी होगा। व्यासपीठ का पूजन मुख्य यजमान बाबूलाल नैनाजी सोलंकी के साथ ही समिति सदस्य केशवचन्द्र राठौड़,दिलीप हम्मड़,राजेश बर्फा, विजय आदि ने किया।



सुतार मोहल्ले में संकट मोचन हनुमान मंदिर समिति द्वारा आयोजित रात्रि कालीन संगीतमय कथा का समापन

कुक्षी . संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव मौजूद श्रद्धालु महिलाएं।

X
जिह्वा का आभूषण है श्रीराम का नाम: त्रिवेदी
Astrology

Recommended

Click to listen..