--Advertisement--

घर और समाज में हमेशा नारी का सम्मान करें

परशुराम जी शस्त्र के बल पर समाज सुधारना चाहते थे जो कि संभव नहीं था। वही पर भगवान श्रीराम ने शस्त्र और शास्त्र के...

Dainik Bhaskar

May 07, 2018, 05:55 AM IST
घर और समाज में हमेशा नारी का सम्मान करें
परशुराम जी शस्त्र के बल पर समाज सुधारना चाहते थे जो कि संभव नहीं था। वही पर भगवान श्रीराम ने शस्त्र और शास्त्र के बीच में सामंजस्य स्थापित किया। आज समाज में सुधार के लिए वाद की नहीं संवाद की आवश्यकता है। जब तक मानव अपनी जीवनशैली में परिवर्तन नहीं करेगा तब तक समाज का नैतिक पतन होता रहेगा। आज के समय में पतन का मूल कारण युवाओं का भटकाव है। युवा अपने धर्म ग्रंथों, देवालयों की ओर ध्यान न देते हुए भौतिकवाद की ओर अग्रसर हो रहे है।

आज के समय में मोबाइल एवं टीवी के माध्यम से समाज में अश्लीलता परोसी जा रही है। कला के नाम पर फूहड़ दृश्यों का अंबार लगा हुआ है। समाज के युवाओं को अपने धर्म ग्रंथों का अनुसरण करना चाहिए न कि फिल्मी कलाकारों की नकल। यह बात नगर के सुतार मोहल्ले में संकट मोचन हनुमान मंदिर समिति द्वारा आयोजित रात्रिकालीन श्रीराम कथा महोत्सव के छठे दिन शनिवार रात पंडित संजय कृष्ण त्रिवेदी ने श्रद्धालुओं से कही। आगे कहा कि घर एवं समाज में हमेशा नारी का सम्मान करें। नारी शादी के बाद दांपत्य जीवन में अपने पिता का घर छोड़कर पति के घर में आती है। जिसके बदले में वह प्रेम और सम्मान के दो मीठे बोल ही तो चाहती है। घर में जब तक नारी का सम्मान नहीं होगा तब तक घर में क्लेश बना रहेगा। कथा के दौरान सीता माता की विदाई के प्रसंग में सभी श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। शनिवार की महाआरती एवं महाप्रसादी के लाभार्थी रवींद्र नरसिंह सेंचा रहे। 30 अप्रैल से 8 मई तक होने वाली कथा प्रतिदिन रात 8 से 11 बजे तक चल रही है। कथा सुनने नगर सहित ग्रामीण अंचल से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे है।

आयोजन



सुतार मोहल्ले में संकट मोचन हनुमान मंदिर में चल रही रात्रिकालीन श्रीराम कथा में पं. त्रिवेदी ने कहा

कुक्षी. कथा के समापन पर महाआरती करते श्रद्धालु।

X
घर और समाज में हमेशा नारी का सम्मान करें
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..