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चालीस दिन बाद भी नलों में पानी नहीं आया

लोहारी में गर्मी के सीजन में लोगों को भारी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। 40 दिन बाद भी नलों में पानी नहीं आने से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 18, 2018, 09:20 AM IST

लोहारी में गर्मी के सीजन में लोगों को भारी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। 40 दिन बाद भी नलों में पानी नहीं आने से लोग दूर दराज के कुए और टैंकर खरीदकर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं।

राधेश्याम चौधरी, मोहन चोयल ने बताया मार्च से अब तक पूरे सीजन में सरकारी नलों में मात्र दो बार ही पानी आया। अभी लगभग चालीस दिनों के बाद भी नल सूखे पड़े हैं। लोग अपनी रोजमर्रा की जरुरत के लिये गांव में दूर दराज के कुओं से पानी लाकर व टैंकरो से पानी खरीदकर अपना काम चला रहे हैं। लेकिन मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बनी हुई है। ग्रामीणों ने कहा उन्होंने ग्राम पंचायत से लेकर संबंधित अधिकारियों को समस्या बताई। जल समस्या से निपटने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. राज बर्फा व क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्रसिंह बघेल ने भी अपने स्तर से प्रयास किए। ग्राम पंचायत सचिव मंशाराम पाटीदार व पीएचई कुक्षी के एसडीओ बलराम उईके भी अपनी टीम के साथ जल प्रदाय के लिए रात दिन हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

नलकूप खनन करने पर भी नहीं निकला पानी



हीरालाल मुकाती व श्यामा कोटवाल ने बताया जल संकट से निपटने के प्रयासों में सभी की उम्मीद उस समय टूट गई जब शासन की सहायता से ग्राम के सातभाया व बड़फल्या में एक- एक व बावड़ी क्षेत्र में दो स्थानों पर नलकूप खनन करवाने पर भी पानी नहीं निकला। गुरुवार को श्मशान घाट टेकरी पर फिर एक नलकूप खनन करवाया गया। जिसमें खारा पानी निकला। जो पेयजल के लिए उपयुक्त नहीं है। गांव के गोपाल कोटवाल आदि ने विभाग से उन लोगों पर भी नजर रख कार्रवाई करने का आग्रह किया है जो अवैध रूप से वाल्व खोलकर पेयजल का दुरुपयोग करते हैं। पीएचई एसडीओ ने कहा नर्मदा के इनटेकवेल पर आवश्यक मरम्मत का कार्य पूर्ण होने को हैं। एक, दो रोज में नर्मदा का पानी लोहारी तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल चार किमी दूर ग्राम निम्बोल स्थित औंकारेश्वर परियोजना की नर्मदा नहर से पानी लाने की अस्थाई व्यवस्था की जा रही है।

ये है जल समस्या का कारण

इस वर्ष नर्मदा नदी में जल स्तर कम होना।

लोहारी गांव का 72 गांवों की नर्मदा पेयजल प्रदाय योजना में टेल पर स्थित होना।

नर्मदा योजना पेयजल प्रदाय स्थल से लोहारी के बीच अज्ञात लोगों द्वारा बिना अनुमति वाल्व खोलकर पानी का भारी दुरुपयोग करना व विभाग द्वारा इस लीकेज रोकने में असमर्थ रहना।

डॉ. राज बर्फा के उप सरपंच कार्यकाल में वे सिंचाई बाधित कर अपने निजी कुओं से गांव में नि:शुल्क पेयजल उपलब्ध कराते रहे। जिससे पहले कभी पेयजल संकट महसूस नहीं हुआ। अभी भाजपाध्यक्ष होने से जिले सहित उनकी अन्यत्र व्यस्तता भी कारण है।

गांव में पेयजल का योजना बद्व तरीकों से सुचारु वितरण का अभाव होना व अज्ञात लोगों द्वारा पानी को व्यर्थ बहाकर दुरुपयोग करना।

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