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अमृतरूपी गंगा जल से दूर होती है अज्ञानता

नर्मदा के मातंगेश्वर घाट पर बुधवार शाम से गंगालहरी कथा शुरू हुई। पहले दिन पं. प्रदीप शर्मा ने कहा गंगा मैया का जल...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 05:15 AM IST
अमृतरूपी गंगा जल से दूर होती है अज्ञानता
नर्मदा के मातंगेश्वर घाट पर बुधवार शाम से गंगालहरी कथा शुरू हुई। पहले दिन पं. प्रदीप शर्मा ने कहा गंगा मैया का जल अमृत के समान है। गंगा जल ज्ञान, प्रकाश व संपत्ति देने वाला है। यह अज्ञानता को दूर करता है। जो लोग इस जल का नित्य आचमन करते हैं वह गुण व ज्ञान से भरे होते हैं।

पं. जगन्नाथ मिश्र द्वारा रचित कथा का वर्णन करते हुए कहा पं. जगन्नाथजी मां से कहते हैं मैं स्वयं निराधार हूं, लेकिन मेरा आधार आप हो। गुरुवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण किया। नर्मदा मंदिर स्थित मुख्य घाट पर पं. गोविंद चतुर्वेदी व अहिल्या घाट के पास तिलबाणेश्वर घाट पर भी कथा हो रही है। श्रद्धालु लक्ष्मीनारायण श्रावणीकर, बालकृष्ण करंडे, रमेश केवट, दिनेश राठौड़ आदि श्रद्धालु मौजूद थे।

श्री गणेश मित्रमंडल ने चने की दाल से निर्मित भयड़ा प्रसादी का भक्तों को वितरण किया। 24 मई को गंगा दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। नर्मदा तट पर विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं सवा 5 क्विंटल भयड़ा प्रसादी का वितरण करेगी।

गंगा मंदिर में लगाए सूचना बोर्ड

अहिल्या घाट पर किला स्थित प्राचीन गंगा मंदिर में गंगा दशहरा पर्व के दौरान 10 दिनों तक श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। समाजसेवी पुरुषोत्तम गुप्ता ने बताया मंदिर में विद्युत व्यवस्था के अलावा प्रचार-प्रसार के लिए सूचना बोर्ड प्रशासन को लगाना चाहिए। इससे दूरदराज से पहुंचने वाले श्रद्धालु भी नर्मदा के साक्षात दर्शन के साथ गंगा माता के दर्शन कर सकें।

नर्मदा के मातंगेश्वर, तिलबाणेश्वर व मुख्य घाट पर शुरू हुई गंगालहरी कथा

पं. प्रदीप शर्मा द्वारा मातंगेश्वर घाट पर गंगालहरी कथा का वाचन शुरू हुआ।

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