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अब अकबर नहीं, ‘महाराणा प्रताप और स्वामी विवेकानंद महान हंै’ पढ़ेंगे बच्चे

प्रदेश सरकार ने नए शिक्षा सत्र में कक्षा 1 से 12वीं तक एनसीईअारटी (नेशनल काउंसिल अाॅफ एज्यूकेशनल रिसर्च एंड...

Danik Bhaskar

Apr 01, 2018, 03:00 AM IST
प्रदेश सरकार ने नए शिक्षा सत्र में कक्षा 1 से 12वीं तक एनसीईअारटी (नेशनल काउंसिल अाॅफ एज्यूकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम अनिवार्य कर दिया है। अब बच्चे देश का अकबर नहीं, ‘महाराणा प्रताप व स्वामी विवेकानंद महान हैं’ पढ़ेंगे। उन्हें सही इतिहास व संस्कृति की सीख देंगे। कक्षा छठी से गीता के पाठ जाेड़े गए हैं। रानी पद्मावती अाैर वैदिक गणित भी पढ़ाई जाएगी। गणित, विज्ञान अाैर पर्यावरण के पाठ्यक्रम में बदलाव किया है।

यह बात किसान सम्मान यात्रा प्रभारी तथा पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने यहां भास्कर से चर्चा में कही। वे यहां कार्यकर्ताओं से मिलने आए थे। उन्होंने कहा निगम के 300 कराेड़ के बजट में से छह कराेड़ किताबें छापकर प्रदेश के सरकारी स्कूलों काे पांच कराेड़ नि:शुल्क बांटने के लिए देता है। एक कराेड़ अशासकीय स्कूलों में वितरण के लिए बाजार में उपलब्ध करवाता है। निगम शून्य लाभ-हानि पर आमजन काे निजी प्रकाशकों की लूट-खसाेट से बचाने के लिए एनसीईआरटी सिलेबस प्रदेश में अनिवार्य किया है। प्रदेश के 1.60 लाख स्कूलों में एक कराेड़ से ज्यादा विद्यार्थियों के लिए यह व्यवस्था लागू करने का जिम्मा माध्यमिक शिक्षा मंडल का हाेगा। एनसीईआरटी से नए सिलेबस की सीडी शिक्षा विभाग को मिलने में देरी हुई है। इस बार किताबों में बारकोडिंग की गई है ताकि हर बीआरसी सेंटर की मॉनिटरिंग की जा सके अाैर गड़बड़ी पर राेक लग सके।

बदलाव

कक्षा 1 से 12 तक एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम अनिवार्य- सेंधव

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