Hindi News »Madhya Pradesh »Manasa» जिले के 27 तालाबों में पानी डेड वाटर से नीचे, 6 बांधों में भी कम होने लगा जलस्तर

जिले के 27 तालाबों में पानी डेड वाटर से नीचे, 6 बांधों में भी कम होने लगा जलस्तर

जिले में कम बारिश और बढ़ते तापमान से 27 तालाबों का जलस्तर डेड वाटर तक पहुंच गया है। यह तालाब मार्च-अप्रैल में पूरी तरह...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 05:00 AM IST

जिले के 27 तालाबों में पानी डेड वाटर से नीचे, 6 बांधों में भी कम होने लगा जलस्तर
जिले में कम बारिश और बढ़ते तापमान से 27 तालाबों का जलस्तर डेड वाटर तक पहुंच गया है। यह तालाब मार्च-अप्रैल में पूरी तरह सूख जाएंगे। छह बड़े बांधों का भी जलस्तर लगातार कम हो रहा है। इससे गर्मी में जल संकट की आहट भी से दिखाई दे रही है।

जिले में इस बार 31 इंच बारिश हुई थी। जो औसत से दो इंच कम थी। इसके कारण अधिकांश नदी-तालाब में उफान नहीं आया। 33 बांध-तालाबों में से छह बांध ही भरे थे। 27 तालाबों में 25 से 50 फीसदी पानी संग्रहित हुआ। आधे से ज्यादा तालाब खाली रह गए। जिन तालाब, नदी व बांध में पानी है वहां आसपास के किसानों ने रबी फसल सिंचाई के लिए पानी का उपयोग कर लिया। इससे फरवरी के अंत में 27 तालाबों में पानी डेड वाटर लेबल तक पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार चंबलेश्वर, मोरवन, ठिकरिया, हमेरिया तथा केनपुरिया बांध का जलस्तर कम हो रहा है। चंबलेश्वर बांध में 3.02 लाख, मोरवन बांध में 3.7 लाख और ठिकरिया बांध में 5.02 लाख घनमीटर पानी है। हर्कियाखाल बांध में करीब 14 फीट पानी बचा है। चंबलेश्वर बांध से मनासा, डीकेन के साथ 29 गांवों में, माेरवन बांध से जावद नगर, ठिकरिया बांध से नीमच व औद्योगिक क्षेत्र में पानी सप्लाई होता है। जीरन तालाब से जीरन शहर और हमेरिया बांध से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है।

शहर के पेयजल का स्रोत्र हर्कियाखाल बांध का जल स्तर भी लगातार गिर रहा है। मार्च तक तालाब सूखने के साथ बांधों में भी पानी खत्म हो जाएगा। जिले में भूजल स्तर करीब 38 मीटर नीचे चला गया है और अप्रैल तक कई हैंडपंप-कुएं दम तोड़ देंगे। इससे अप्रैल से जून तक तीन महीने लोगों को जल संकट से जूझना पड़ सकता है। हालांकि जिला प्रशासन अपने स्तर इस समस्या से निपटने के लिए प्रयास कर रहा है।

माेरवन बांध का जलस्तर लगातार कम हो रहा है।

डेड वाटर लेबल तक पहुंचे ये बांध

जिले में कम बारिश का असर फरवरी में तालाबों दिखाई दे रहा है। जहां वाटर लेबल डेड स्टोरेज पर पहुंच गया। हरवार, चेनपुरा, धामनिया, जमुनिया, दसानी, भरभडिय़ा, मालखेड़ा, पालराखेड़ा, मालगढ़, निसन्नी, नयापुरा, केनपुरिया, करेल, बोरदिया, हमेरिया, कवई, लसुडिय़ा, बोरखेड़ी, रलायता के साथ 27 तालाब सूखने की कगार पर है।

पीएचई करेगी करोड़ों रुपए खर्च

जिले में पानी के लिए पीएचई ने करोड़ों रुपए की योजना बना कर काम शुरू कर दिया है। पेयजल योजनाओं पर छह करोड़ रुपए खर्च कर हैंडपंप, बोरिंग और अन्य कार्य किए जाएंगे। जल संसाधन विभाग गांधीसागर से पानी जिले में लाने की योजना पर कार्य कर रहा है। इसकी डीपीआर का भोपाल में अवलोकन किया जा रहा है। सरकार से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करेगा।

तालाब डेड वाटर लेवल पर आए, खत्म हो जाएगा पानी

जिले में 33 बांध-तालाबों में से 27 में पानी डेड स्टोरेज पर पहुंच गया है। 6 बड़े बांधों में पानी का लेवल लगातार घट रहा है। जिले में जलसंकट की स्थिति को देखते हुए विभाग के साथ पीएचई इससे निपटने के लिए प्रयास कर रहा है। जीएस डाबर, ईई, जल संसाधन विभाग, नीमच

बारिश का आंकड़ा

साल बारिश

2012-13 35.94 इंच

2013-14 47.28 इंच

2014-15 34.56 इंच

2015-16 28.38 इंच

2016-17 44.61 इंच

2017-18 31.00 इंच

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Manasa News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: जिले के 27 तालाबों में पानी डेड वाटर से नीचे, 6 बांधों में भी कम होने लगा जलस्तर
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Manasa

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×