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3 दिन के इलाज से फिर खड़ी हो गई आलिया

ग्राम जाजमखेड़ी में चरक सेवा समिति ने निशुल्क उपचार शिविर लगाया है। शिविर 14 मार्च तक चलेगा। शिविर में सैकड़ों लाग...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:00 AM IST
ग्राम जाजमखेड़ी में चरक सेवा समिति ने निशुल्क उपचार शिविर लगाया है। शिविर 14 मार्च तक चलेगा। शिविर में सैकड़ों लाग लाभांवित हुए हैं। सैकड़ों मरीज प्रतिदिन ग्राम जाजमखेड़ी पहुंच रहे हैं तथा आयुर्वेदिक पद्धति से अपना उपचार करवाकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। महाकाल के परम भक्त वैद्य संत रावल बाबा (उज्जैन) द्वारा मरीजों का परीक्षण कर उनका उपचार किया जा रहा है। लकवे से ग्रस्त सैकड़ों मरीज शिविर में आए हुए हैं तथा जिन्हें कंधों पर उठाकर लाया गया था वे अब चलने लगे हैं।

शुगर, ब्लड प्रेशर, थायराइड, पेट रोग, आंख, कान, माइग्रेन आदि बीमारियों का उपचार भी यहां आसानी से किया जा रहा हैं। कसरावद की 7 वर्षीय आलिया पिता मोहसीन जिसके दोनों पैर खराब हो गए थे तथा वह सिर्फ बैठे रहती थी 3 दिन शिविर में रहकर उसने उपचार करवाया तो अब वह खड़ी होकर चलने भी लगी है। किशोर कुमार राय इंदौर से यहां आए हुए थे जिन्हें हाथ पकड़ कर चलाया जाता था। अब लकड़ी के सहारे से खुद ही अपने पैरों पर चलने लगे हैं। हरदा से जुगल किशोर यहां पर आए हैं तथा बमुश्किल उन्हें खड़ा किया जाता था अब वे आराम से चलने लगे हैं। इसी प्रकार ग्राम टवलाई की केलुबाई जब शिविर में आई थी तो उसे उठाकर लाया गया था लेकिन अब वह खुद ही चलने लगी हैं। गंधवानी की मंजू पांडे 16 महीने से पैरालिसिस में पड़ी थी। परिवार वाले विभिन्न प्रांतों में उनका उपचार करवा चुके थे तथा उपचार में लाखों रुपए खर्च हो गए हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ शिविर में आने के बाद तीसरे दिन से अब वे कुछ-कुछ बोलने भी लगी है तथा खाना भी खा रही हैं। परिवारजनों ने बाबा के प्रति अगाध श्रद्धा व्यक्त करते हुए बाबा का आभार माना।

शिविर में संत श्री रावल बाबा स्वयं अपने हाथों से बनाई हुई जड़ी बूटियों का काढा, चूर्ण, खारिक आदि मरीजों को देते हैं तथा सुबह 8 बजे से लेकर शाम के 5 बजे तक मरीजों का क्रम जारी रहता हैं। रावल बाबा ने बताया कि उन्होंने बीएएमएस किया था तथा 1998 से लेकर 2012 तक उज्जैन में प्रेक्टिस की इस दौरान देखा कि कई लोग असाध्य बीमारियों से परेशान होकर आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उपचार नहीं करवा पा रहे हैं। ऐसी स्थिति बाबा ने महाकाल का आर्शीर्वाद लेकर चिंतामन गणेश उज्जैन में जून 2013 को प्रथम निशुल्क शिविर की शुरुआत की। इस शिविर में मरीजों को फायदा हुआ तब से लेकर आज तक यह 64 वां शिविर है जिसमें प्रतिदिन हजारों लोग पहुंचते हैं तथा स्वास्थ्य लाभ लेते हैं। शिविर में सुबह 9 से 10 बजे तक नशा मुक्ति का कार्यक्रम रखा जाता हैं तथा जो नशे के आदि हैं, उनसे नशा भी छुड़वाया जाता है। निःसंतान परिवारों के लिए 11 मार्च से 14 मार्च तक गोद भराई कार्यक्रम होगा जिसमें निसंतान दंपत्ति अपनी गोद भराई कर सकते हैं। कार्यक्रम में चरक सेवा समिति के कार्यकर्ता बड़े उत्साह से मरीजों की सेवा में लगे हैं जो मरीज शिविर में ही रहते हैं उनके लिए दोनों समय भोजन की तथा ठहरने की निःशुल्क व्यवस्था की गई हैं। संस्था के अशोक सोलंकी ने बताया कि शिविर की प्रेरणा बजरंग दल के राष्ट्रीय सह संयोजक सोहन सोलंकी से मिली जिनके माध्यम से हम गुरु जी से मिले और और इस शिविर का यहां पर आयोजन कर पाए हैं। बड़ी दूर से लोग उपचार के लिए आ रहे हैं शिविर में सोहन काग, लक्ष्मण सोलंकी, मदन परिहार, भाना जी चोयल, बसंतीलाल चोयल, गोलू परिहार, बंशीलाल परिहार आदि सेवाएं दे रहे हैं।

ग्राम जाजमखेड़ी में चरक सेवा समिति ने लगाया नि:शुल्क उपचार शिविर

शिविर में मरीजों का परीक्षण करते बाबा