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नाहर शाह वली की मजार पर चादर व फूल पेश कर बच्चों को मिठाई से तौला, उतारी मन्नत

सैयद नाहर शाह वली (र.अ.) की दरगाह पर कौमी एकता उर्स का आयोजन हुआ। सुबह से शहर सहित दूर-दूर से जायरीन पहुंचे। बाबा की...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 04:00 AM IST
सैयद नाहर शाह वली (र.अ.) की दरगाह पर कौमी एकता उर्स का आयोजन हुआ। सुबह से शहर सहित दूर-दूर से जायरीन पहुंचे। बाबा की मजार पर चादर व फूल पेश कर मन्नत उतारी। शाम को मेले में भीड़ उमड़ी। दरगाह कमेटी व नगर पालिका द्वारा आयोजित मेले में सांस्कृतिक मंच पर रात को कव्वाली मुकाबला हुआ। जिसमें मशहूर कव्वाल अशोक जख्मी व टीना परवीन ने कलाम पेश किए।

तीन दिनी मेले का मुख्य दिन होने से संतान की चाह रखने वाली महिलाओं व पुरुषों ने तालाब में स्नान कर दरगाह पर शीश नवाया। मन्नत पूरी होने वाले परिवारों ने दरगाह परिसर में तुलादान किया। किसी ने गुड़-खोपरे से संतान को ताैला तो किसी ने मिठाई व फलों से।

गुरुवार को तालाब में स्नान करने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। दरगाह पर चादर शरीफ पेश की, लच्छा बांध मन्नत मांगी। दिनभर शहर में चादर शरीफ के जुलूस निकलते रहे जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नाहर सैयद दरगाह पहुंचे। यहां चादर चढ़ाई। इसके बाद लोगों ने मेले का आनंद लिया। मेले में लगी दुकानों से महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। मेले में बुधवार रात को मुशायरा हुआ। इसमें शायर डॉ. राहत इंदौरी, मंजर भोपाली, सहिसतासना लखनऊ, अंजुम बारबांकी उप्र, चांदनी शबनम कानपुर उप्र, डॉ. जाहिद अमरावती महाराष्ट्र, इस्माईल नजर देवास, अलाउद्दीन अंबर मुंबई, संजय खत्री इंदौर, मुन्ना बैटरी मंदसौर ने प्रस्तुति दी।

गुरुवार को दरगाह पर इस तरह दिनभर बच्चों का तुला दान चलता रहा। फोटो | भास्कर

पांच साल से आ रहा प्रीत राठौर

प्रीत पिता संजय राठौर निवासी सांवेर गुरुवार को नाहर सैयद पहुंचा। राठौर ने बताया कि हमने बच्चे की मन्नत मांगी थी। बेटा होने पर प्रीत को पांच साल से दरगाह पर ला रहा हूं। पांचवां साल होने पर गुरुवार को हिंदू परंपरा के अनुसार प्रीत के बाल उतरवाए व नए कपड़े पहनाकर दरगाह पर दुआ मांगी। मन्नत पूरी होने पर प्रीत का तुलादान भी किया।

तालाब में स्नान कर जियारत

मान्यता है कि होलिका दहन वाले दिन दरगाह के पास स्थित तालाब में स्नान कर बाबा की जियारत करने वाली महिलाओं की गोद भर जाती है। संतान होने पर परिजन यहां आकर बच्चों को मिठाई व अन्य वस्तुओं से तौलकर सामग्री जरूरतमंदों में बांट देते हैं।

गुड़ खोपरे से तौला

नाजिया पिता मंजूर बैग निवासी खाचरौद के साथ दरगाह पहुंची। बैग ने बताया कि हमने बच्चे की मन्नत मांगी थी। बालिका होने पर तीन साल से नाजिया को दरगाह ला रहा हूं। गुरुवार को नाजिया को गुड़ व खोपरे से तौला। वहीं नाहरू पिता मुकेश चौहान बड़ागांव खाचरौद से आए। मुकेश चार साल से बच्चे के साथ दरगाह आ रहे हैं। मुकेश ने पांच साल की मन्नत मांगी है। वह निरंतर पांच साल तक दरगाह पर तुलादान करेंगे। मुकेश ने तीन माह के बेटे को काजू व बादाम से तौला था। मौसफी पिता मुन्नवर इंदौर ने दस माह के बेटे को गुड़ व खोपरे से ताैला।