Hindi News »Madhya Pradesh »Mandsour» 2 विभाग 3 साल में नहीं बना सके 5 करोड़ रुपए का पंप हाउस, 20 हजार लोग प्रभावित

2 विभाग 3 साल में नहीं बना सके 5 करोड़ रुपए का पंप हाउस, 20 हजार लोग प्रभावित

नपा परिषद ने हाल ही में 2.51 अरब रुपए का बजट पास किया। जल संसाधन विभाग को दो अरब से अधिक का बजट मिला। अरबों रुपए के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 05:25 AM IST

2 विभाग 3 साल में नहीं बना सके 5 करोड़ रुपए का पंप हाउस, 20 हजार लोग प्रभावित
नपा परिषद ने हाल ही में 2.51 अरब रुपए का बजट पास किया। जल संसाधन विभाग को दो अरब से अधिक का बजट मिला।

अरबों रुपए के काम कराने वाले नगरपालिका व जल संसाधन विभाग तीन साल में पांच करोड़ का पंप हाउस तक स्वीकृत नहीं करा सके। नपा कह रही कि हमारे पास पर्याप्त स्टाफ नहीं तो जल संसाधन विभाग बजट का रोना रो रहा है। जिम्मेदारों की बेरुखी व लापरवाही के कारण पंप हाउस के अभाव में हर बरसात में धानमंडी, खानपुरा क्षेत्र के 20 हजार से अधिक लोग प्रभावित होते हैं। तीन साल बाद भी दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने का प्रयास करते हुए ही दिखाई दे रहे हैं। यही कारण है कि संबंधित क्षेत्र के लोग बरसात के नाम से भी डरने लगे हैं। यदि अभी भी इसका हल नहीं निकला तो इस बरसात में भी बड़ी आबादी को परेशान होना पड़ेगा।

शासन ने शिवना में बाढ़ आने पर नदी के पानी को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए 1984 में धानमंडी क्षेत्र से नृसिंहपुरा तक धूलकोट बांध का निर्माण कराया। शहर के जलग्रहण क्षेत्र में आने वाले पानी को बाहर निकालने के लिए जल संसाधन विभाग ने धानमंडी क्षेत्र में पंप हाउस बनवाया।

जिम्मेदारी लेने को कोई भी तैयार नहीं, समाधान नहीं हुआ तो इस साल भी लोगों को होना पड़ेगा परेशान

पंप हाउस बरसात के पानी को नदी में डालता है। सालों तक पंप हाउस ने शहर को बाढ़ से बचाए रखा लेकिन समय के साथ पंप जर्जर होने लगा। इधर, अंधाधुंध निर्माण व नपा की अनदेखी के चलते पंप हाउस ही डूब में चला गया। इस लापरवाही का खमियाजा 2015 में शहरवासियों को भुगतना पड़ा। बाढ़ में हालात यह हो गए कि लोगों को नाव से एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ा। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इधर, बाढ़ के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने नवीन पंप हाउस के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया। स्वीकृति के लिए भोपाल भेजा तो उच्च अधिकारियों ने राशि देने की बजाय इसे नपा के हैंडओवर करने को कह दिया। नपा ने तकनीकी अमले की कमी की बात कहते हुए इसे लेने से इनकार कर दिया। दोनों विभाग के जिम्मेदार अपने-अपने कारण बताते हुए जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहे। स्थिति यह है कि अरबों के बजट वाले दोनों विभागों के पास 20 हजार से अधिक लोगों की समस्या के समाधान के लिए पांच करोड़ तक नहीं निकल रहे है। ना नवीन पंप हाउस बना ना संचालन की जिम्मेदारी कोई लेने को तैयार है। लगता है कि अगली बरसात में भी शहर की बड़ी आबादी को परेशानी से जूझना पड़ेगा।

धानमंडी के सोहनलाल बता रहे कि बरसात में यहां तक भर जाता है पानी।

बारिश में रातों को नींद तक नहीं अाती

धानमंडी के सोहनलाल तेली ने बताया कि 2015 में आधा घर पानी में डूबा गया। रात को जान बचाकर पड़ोस में असलम भाई के यहां शरण ली। दो दिन तक उन्हीं के यहां रहे। चाट का ठेला लगाकर गुजारा करते हैं। बाढ़ के दौरान घर के सामान के साथ राशन व दुकान का सामान तक खराब हो गया। 15 दिन तक दुकान भी नहीं लगा पाए। उस समय तो जनप्रतिनिधियों ने कई आश्वासन दिए लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। बरसात शुरू होती है तो डर लगने लगता है, रात-रातभर नींद तक नहीं आती।

आज भी सामान नहीं समेट पाया

पताशा गली में रहने वाले लक्ष्मीनारायण ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर धनिया व अन्य मसाला पिसाई करते थे। बाढ़ में तीन मोटरें सहित पूरी मशीनरी डूब गई। कुछ मोटर सही कराई व मशीनरी तो आज तक ऐसी ही रखी है। हर साल घर में पानी भरा रहा है। ऐसे में अब ग्राउंड फ्लोर तो खाली ही कर दिया, प्रथम मंजिल पर रहते हैं व औद्योगिक क्षेत्र में जगह लेकर काम शुरू किया है। कई बार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से पंप हाउस को लेकर झगड़ा भी किया लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। जब इनके घरों में पानी घुसेगा तब आम लोगों की पीड़ा का अनुभव होगा।

उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा, राशि से कर दिया इनकार

हमने नवीन पंप हाउस के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने राशि देने से इनकार करते हुए पंप हाउस को नपा के हैंडओवर करने के निर्देश दिए। अब हम अधिकारियाें के निर्देश का पालन कर रहे हैं। 15 दिन पहले भी नपा को पत्र लिख पंप हाउस संचालन की जिम्मेदारी लेने को कहा है लेकिन कोई जवाब नहीं आया। बीएल निनामा, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन

लक्ष्मीनारायण बता रहे कि इतना भरता है पानी

संचालन के लिए हमारे पास स्टाफ की कमी

पंप हाउस संचालन के लिए दो-तीन साल से नपा ही डीजल व अन्य व्यवस्था कर रही है। नपा के पास तकनीकी स्टाफ नहीं है इसलिए संचालन नहीं कर सकते। नवीन पंप हाउस के लिए शासन को प्रस्ताव भेज रखा है लेकिन स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई। प्रहलाद बंधवार, नपाध्यक्ष

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Mandsour

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×