--Advertisement--

प्रवचन... संतों के जीवन से सीख लेना चाहिए-रमणानंद

मंदसौर | केशव संत्सग भवन में चल रहे प्रवचन में संत रमणानंन्द ने सुंदरकांड की कथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 04:20 AM IST
Mandsour - प्रवचन... संतों के जीवन से सीख लेना चाहिए-रमणानंद
मंदसौर | केशव संत्सग भवन में चल रहे प्रवचन में संत रमणानंन्द ने सुंदरकांड की कथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि लंकिनी से चर्चा के बाद हनुमान ने सूक्ष्म रूप धारण कर सीता को ढूढ़ना शुरू किया। जिसमें अशोक वाटिका में देवालय के पास शीशम के पेड़ के नीचे राक्षसियों से घिरी सीता को पृथ्वी पर बैठे देखा। वह अत्यंत दुर्बल दिख रही थी। लेकिन राम नाम का उच्चारण कर रही थी। ऐसे में हनुमान को प्रसन्नता हुई कि मैने सीता मैय्या को देख लिया मैं कृतज्ञ हो गया। इसी प्रकार व्यक्ति को अपने कार्य के प्रति सदैव ईमानदार होना चाहिए। संत अपने जीवन में दीक्षा के बाद सदैव धर्म का मान बढ़ाने का कार्य करते है। हमें उनसे शिक्षा लेना चाहिए। संत ने कहा जीवन में यदि कोई हम पर विश्वास करता है ताे उसके विश्वास को तोड़ना नहीं चाहिए। कथा स्थल पर बड़ी सख्या में श्रद्धालु के साथ पं. दुर्गाशंकर शर्मा, शिवनारायण पंवार, मांगीलाल सोनी, जयप्रकाश गर्ग, प्रहलाद काबरा, लक्ष्मणदास लवाणी मौजूद थे।

X
Mandsour - प्रवचन... संतों के जीवन से सीख लेना चाहिए-रमणानंद
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..