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3 साल से अलग रह रहे नागेश्वर को मिली कृष्णा / 3 साल से अलग रह रहे नागेश्वर को मिली कृष्णा

Bhaskar News Network

Dec 09, 2018, 03:51 AM IST

Mandsour News - घर-परिवार की छोटी-छोटी बातों पर अलग होना सामान्य बात हो गई है। इन्हें मिलाने का काम नेशनल लोक अदालत कर रही है।...

Mandsour News - krishna who was living separately for 3 years got krishna
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घर-परिवार की छोटी-छोटी बातों पर अलग होना सामान्य बात हो गई है। इन्हें मिलाने का काम नेशनल लोक अदालत कर रही है। शनिवार को कोर्ट परिसर में लगी लोक अदालत द्वारा ऐसे ही बरसों से रूठे पति-प|ी को फिर एक किया। 3 साल से अलग रह रहे नागेश्वर प|ी कृष्णा के साथ वापस लौटा। इधर, 4 साल बाद फिर अभिभाषक संघ ने सभी पक्षकारों को भोजन कराने की परंपरा शुरू की। शनिवार को नेशनल लोक अदालत में जिले में 3541 मामले निराकरण के लिए रखे जिसमें से 482 का निराकरण किया।

धार निवासी नागेश्वर भाट और प|ी मंदसौर निवासी कृष्णा 3 साल से अलग रह रहे थे। नागेश्वर शराब पीकर प|ी को प्रताड़ित करता था। परेशान होने के बाद 2016 में कृष्णा ने दहेज प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज कराया। पति प|ी अलग-अलग रह रहे थे। शनिवार को लोक अदालत में समझाइश के बाद साथ रहने को राजी हुए। समझौते में नागेश्वर ने कृष्णा व बच्चों को कभी किसी बात के लिए प्रताड़ित नहीं करने व परिवार द्वारा कोई मांग व मारपीट नहीं करने की कसम खाई और आश्वासन दिया। नागेश्वर की ओर से एडवोकेट निर्मल जोशी व उमेश परमार व कृष्णा की ओर से विनोद भाटी ने समझौता कराया।

नागेश्वर भाट और कृष्णा।

प्रयास करेंगे परंपरा बंद ना हो

जिला अभिभाषक संघ द्वारा लोक अदालत में सालों पहले एक पहल की गई थी। पक्षकारों के लिए भोजन की व्यवस्था करता था। चार साल से यह परंपरा बंद हो गई थी। इसे अभिभाषक संघ ने वापस शुरू की। बार एसोसिएशन अध्यक्ष जयदेवसिंह चौहान ने बताया हम ने पुरानी परंपरा को वापस शुरू किया, पूरा प्रयास किया जाएगा कि अब इसे बंद ना करना पड़े।

पहली मंजिल पर कमरा देने पर हुआ था विवाद

एडवोकेट ए.के. मंसूरी ने बताया खानपुरा निवासी मो. शरीफ पिता आमीन खां और शमा आठ माह से अनबन के चलते एक-दूसरे से अलग रह रहे थे। बात छोटी-सी थी। शमा को रहने के लिए प्रथम मंजिल पर कमरा दिया था और वह नीचे रहना चाहती थी। इसके चलते आए दिन घर में पारिवारिक बोलचाल शुरू हो गई। पति-प|ी एक-दूसरे से अलग रहने लगे। ऐसे में प|ी ने भरण-पोषण की मांग की गई। इस पर लोक अदालत में दोनों को बुलाकर समझाया। इसके बाद शमा कहीं भी परिवार के साथ रहने को तैयार हुई।

चार परिवारों काे किया एक

टकरावद | तहसील विधिक सेवा समिति नारायणगढ़ द्वारा लोक अदालत का आयोजन व्यवहार न्यायाधीश शशांक खरे व न्यायाधीश ललितकुमार मईड़ा की उपस्थिति में हुआ। रानीबाला पति कमलेश सूर्यवंशी (25) बूढ़ा, उर्मिलाबाई पति सावरिया दमामी (35) बेलारा, सुशीला पति गोविंद बावरी (25) रूपी, लता पति प्रकाश बावरी (25) चंगेड़ी (निम्बाहेड़ा) को समझाकर साथ में रहने की सलाह दी।

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