• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Mandsour
  • ‘मानसिक तनाव में आत्महत्या का कदम ना उठाएं’, देंगे सीख
--Advertisement--

‘मानसिक तनाव में आत्महत्या का कदम ना उठाएं’, देंगे सीख

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:35 AM IST

Mandsour News - काॅलेजों में परीक्षा का दौर चल रहा है। जल्द ही नतीजे भी आने लगेंगे। प्रदेश के कई हिस्सों में परीक्षा के वक्त...

‘मानसिक तनाव में आत्महत्या का कदम ना उठाएं’, देंगे सीख
काॅलेजों में परीक्षा का दौर चल रहा है। जल्द ही नतीजे भी आने लगेंगे। प्रदेश के कई हिस्सों में परीक्षा के वक्त विद्यार्थियों द्वारा आत्महत्या के मामले आते हैं। छोटी-मोटी बातों को लेकर छात्र-छात्राएं इस तरह का कदम ना उठाएं, इसे लेकर काॅलेज में समिति विद्यार्थियों की गतिविधि पर नजर रखेगी। लीड कॉलेज में विद्यार्थियों को ऐसे मामलो में काउंसिलिंग सुविधा भी दी जाएगी। मई के मध्य में इसकी शुरुआत होने वाली है।

कॉलेज प्रबंधन ने सीनियर प्रोफेसर्स की समिति बनाने पर काम शुरू कर दिया है। मकसद यही है कि विद्यार्थियों को निराशा के माहौल से उबारें। समिति मानसिक तनाव में रहने वाले छात्र-छात्राओं का चयन कर काउंसिलिंग करके उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। जिले में कुल 9 शासकीय कॉलेज हैं। मंदसौर पीजी, गर्ल्स, पिपलियामंडी, सीतामऊ, गरोठ, भानपुरा, सुवासरा, मल्हारगढ़ व शामगढ़ कॉलेज। यहां करीब 18 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। समितियों के जरिए मानसिक तनाव वाले विद्यार्थी मिलने पर उनका पंजीयन भी होगा। कॉलेज स्तर पर काउंसिलिंग कर तनाव को दूर करने में मदद करेंगे, इसी तरह गंभीर मामलों में अभिभावकों की मदद भी ली जाएगी।

विद्यार्थियों का नाम गोपनीय रखा जाएगा- समिति मानसिक तनाव वाले विद्यार्थियों का चयन कर उनका पंजीयन करेगी। छात्र-छात्राओं का नाम गुप्त रखा जाएगा। साथ ही उनकी समस्याओं और परेशानी का गोपनीयता के साथ निराकरण होगा। इसमें कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर्स की मदद ली जाएगी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों से सेमिनार का प्लान भी बनाया है। उच्च शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों युवाओं में आत्महत्या के बढ़ते मामलों के मद्देनजर इस तरह की समितियां कॉलेज स्तर पर गठित करने के निर्देश दिए थे।

2 साल में 7 मामले आ चुके सामने- जिला स्तर पर युवाओं द्वारा आत्महत्या करने के 7 मामले आ चुके हैं। मंदसौर शहर के ही सालभर पुराने मामले में छात्रा ने परिजन से चश्मे की मांग की थी। परिजन शाम को चश्मा ना ला सके तो युवती ने फांसी लगा ली थी। इसी तरह कई युवाओं ने फांसी व जहरीला पदार्थ खा लिया था। पारिवारिक जिम्मेदारी, नतीजे बिगड़ना, परिजन की उम्मीदों पर खरे ना उतरने जैसे हवाले सुसाइड नोट में सामने आए थे।

विद्यार्थियों को समझाइश देंगे कि जीवन अनमोल है


X
‘मानसिक तनाव में आत्महत्या का कदम ना उठाएं’, देंगे सीख
Astrology

Recommended

Click to listen..