मंदसौर

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किसान खफा, परिणाम उलट ना आएं इसलिए मंडी चुनाव टालने के बने आसार

किसान आंदोलन के बाद सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। विधानसभा चुनाव से पहले मंडी चुनाव कराने पर परिणाम उलट ना आएं,...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:35 AM IST
किसान आंदोलन के बाद सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। विधानसभा चुनाव से पहले मंडी चुनाव कराने पर परिणाम उलट ना आएं, असर विधानसभा चुनाव पर ना पड़े, इसे लेकर मंडी चुनाव लगातार दूसरी बार टलने के आसार बन गए हैं। यही कारण है कि अप्रैल खत्म होने पर भी अब तक मंडी अध्यक्ष पदों के आरक्षण, संचालक पद आरक्षण, वार्ड मतदाता सूची से लेकर चुनावी कार्यक्रम तक में किसी तरह की हलचल नहीं दिख रही है।

5 दिसंबर 2017 को शासन ने अधिसूचना जारी कर मंडी चुनाव 6 माह आगे बढ़ाए थे। वक्त पूरा होने में 1 माह और 4 दिन ही बाकी हैं लेकिन तैयारियां कुछ भी नहीं। मामले में विपक्ष ने निशाना साधते हुए कहा कि अब तो विधानसभा चुनाव के बाद अगली सरकार ही प्रदेश में मंडी चुनाव कराएगी। मंडी सचिव का कहना है कि चुनाव तैयारियों को लेकर किसी तरह के निर्देश नहीं मिले हैं।

सूखे की स्थिति को आधार बताकर सरकार ने पहली बार दिसंबर 2017 में चुनाव टाले थे और संचालकों का कार्यकाल 6 माह बढ़ाया था। मंडी चुनाव में सियासी समीकरण बिगड़ने को लेकर सरकार प्रतिष्ठा दांव पर नहीं लगाना चाहती। मई शुरू प्रारंभ हो गया जो कि चुनाव टालने वाली घोषणा मुताबिक मई अंतिम व छठा माह है लेकिन मंडी चुनाव की चर्चा के बजाय अवधि बढ़ने की अटकलें सुर्खियों में हैं।

अब दाेबारा कार्यकाल बढ़ने के बीच नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में मंडी में जनवरी 2019 में ही चुनाव के आसार बन रहे हैं। प्रदेशभर में इंदौर के बाद नंबर-2 पोजिशन रखने वाली मंदसौर समेत 257 में 4 सप्ताह के भीतर फिर से अवधि बढ़ने की अधिसूचना जारी होना तय बताया जा रहा है। किसान आंदोलन के बाद उपज के भाव, लागत जैसे मुद्दे पर कई दल सक्रिय हैं।

पद व वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया तो 2 माह पहले शुरू हो जाती है

मंडी चुनाव के लिए अध्यक्ष और वार्डों के आरक्षण प्रक्रिया चुनावी समय से ठीक 2 माह पहले शुरू हो जाती है। इसी अवधि में अंतिम मतदाता सूची पर भी काम होता। जो मई शुरुआत में भी देखने में नहीं आ रहा।

जिले में 4 विधानसभाओं में 60 हजार मतदाता बढ़े

आखिरी बार मंडी चुनाव दिसंबर-जनवरी 2013 में हुए थे। उस अवधि में जिलेभर में मतदाताओं की संख्या 8लाख 65 हजार 457 थी। जो जनवरी 2018 में ताजा स्थिति में 9 लाख 26 हजार 268 है। करीब 60 हजार नए मतदाता जुड़े हैं, आंशिक इजाफा और हो सकता है।

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अक्टूबर 2018 में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग जाएगी

अक्टूबर 2018 में तो विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगा जाएगी और ऐसे में मंडी चुनाव का कार्यक्रम जनवरी 2019 में ही तय हो पाएगा। पहले प्रदेश समेत मंदसौर-नीमच की 172 साेसायटियों के चुनाव भी इसी वजह से टले थे।

चुनाव के संबंध में निर्देश नहीं आए


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