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पेट्रोल पंपों पर स्थापित होंगे प्रदूषण नियंत्रण केंद्र, अभी जिले में 3 हैं, 21 और बनाएंगे, मई से ही करेंगे शुरुआत

जिले में मई से पेट्रोप पंपों पर प्रदूषण नियंत्रण केंद्र लगना शुरू होंगे। यहां पेट्रोल-डीजल भरवाने वाले अपने वाहन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 04:00 AM IST

जिले में मई से पेट्रोप पंपों पर प्रदूषण नियंत्रण केंद्र लगना शुरू होंगे। यहां पेट्रोल-डीजल भरवाने वाले अपने वाहन के प्रदूषण स्तर की जांच करा सकेंगे। मौके पर तत्काल रिपोर्ट भी जारी होगी, जिसकी वैधता करीब 6 माह रहेगी। दरअसल, अन्य महानगरों से लेकर अन्य राज्यों में वाहन चैकिंग के दौरान प्रदूषण रिपोर्ट को खासतौर पर जांचा जाता है। आरटीओ का कहना है कि मंत्रालय स्तर से जारी आदेश पर अमल करने जा रहे हैं।

वर्तमान में जिले में प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों की संख्या केवल 3 है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले में संज्ञान लेने के बाद अब पेट्रोल व डीजल पंपों पर भी इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इनमें पेट्रोल व डीजल चलित वाहनों द्वारा उत्सर्जित धुएं को लेकर मशीन जांच कर रिपोर्ट जारी होगी। अगर वाहन मापदंड से अधिक धुआं देता है तो समय रहते इंजन का काम कराना होगा। परिवहन मंत्रालय ने इस संबंध में जिला स्तर पर आदेश जारी कर दिए हैं। आरटीओ ने पिछले दिनों जिला स्तर पर प्रमुख मार्ग वाले पाइंट पर विभागीय चर्चा की थी। प्लानिंग के तहत परिवहन विभाग मंदसौर, दलौदा, मल्हारगढ़, सीतामऊ, सुवासरा, शामगढ़, गरोठ, भानपुरा जैसी प्रत्येक तहसील में प्रमुख मार्गों से लगे 3-3 पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण नियंत्रण केंद्र लगाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा वाहनों की जांच हो सके। चैकिंग अभियान भी चलेगा। फोर व्हीलर में घरेलू, कमर्शियल व अन्य वाहनों की जांच होना है।

निर्देश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परिवहन मंत्रालय ने जिला स्तर पर जारी किए निर्देश, वाहनों की जांच भी होगी

जिले में 19 हजार से अधिक चार पहिया वाहन

अभी किसी पेट्रोल पंप पर प्रदूषण नियंत्रण केंद्र नहीं है।

पीयूसी रिपोर्ट होना जरूरी है

वर्तमान में जिले 3 केंद्र हैं। इनकी संख्या 20 से 24 तक करना है। मई से शुरुआत करना है। प्रत्येक फोर व्हीलर संचालक के पास पीयूसी रिपोर्ट होना जरूरी है। चैकिंग भी होगी। -रंजनासिंह कुशवाह, आरटीओ, मंदसौर

जिले में वर्तमान में टू व्हीलर, फोर व्हीलर से लेकर सभी कैटेगरी के डीजल, पेट्रोल चलित वाहनों की संख्या 1 लाख 9 हजार के आसपास है। इसमें से 19 हजार तो केवल फोर व्हीलर ही हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत अब हर फोर व्हीलर के साथ प्रदूषण संबंधी रिपोर्ट रखना अनिवार्य रहेगा। जांच में प्रदूषण लेवल अधिक पाए जाने पर भी कार्रवाई हाेगी।

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