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गुनाह सबका समान, फैसले तीन तरह के, कांग्रेस के घरवापसी अभियान पर संसदीय क्षेत्र की गुटबाजी हावी

राजनीति में कोई बागी बने तो गुनाह सबका 1 जैसा लेकिन फैसले आते हैं 3 तरह के। ऐसे विचित्र कांग्रेस संगठन में बने हैं। 2013...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 05:20 AM IST

राजनीति में कोई बागी बने तो गुनाह सबका 1 जैसा लेकिन फैसले आते हैं 3 तरह के। ऐसे विचित्र कांग्रेस संगठन में बने हैं। 2013 के विधानसभा चुनाव में जावद से पार्टी के बागी रहे राजकुमार अहीर, 2008 में नीमच से बागी उमरावसिंह गुर्जर पार्टी के ही अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ उतरे और हारे, सालभर में वापसी हो गई।

बुधवार को पिपलियामंडी चौकी के बाहर धरने पर बैठी पूर्व विधायक कल्पना परूलेकर की पार्टी में वापसी हो गई। दूसरे मापदंड में 2015 के मंदसौर नपा चुनाव में बागी बने दशरथ राठौर को पिछले सप्ताह में मंदसौर कांग्रेस के मंडलम अध्यक्ष की कमान मिल गई। तीसरा मापदंड जुदा है, बागी होकर 2009 का लोकसभा चुनाव लड़ने वाले जिला कांग्रेस व जिपं के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्रसिंह गौतम काे 6 साल के लिए निष्कासित किया था, 9 साल हो चुके हैं। लेकिन जिला कांग्रेस पूरी तरह से अपना नहीं पा रही, 27 दिसंबर 2016 को पूर्व मंत्री महेंद्रसिंह कालूखेड़ा ने गौतम को पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। मंदसौर से निर्दलीय प्रत्याशी होकर 2013 का विधानसभा चुनाव लड़ने वाली जिपं की पूर्व उपाध्यक्ष आशिया बी के निष्कासन पर विचार नहीं हुआ है।

राजनीति

पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ लड़े अहीर, उमराव को हाथों-हाथ लिया, राठौर मंडलम अध्यक्ष बनाया

ये 6 साल के लिए निष्कासित, सालभर में हुई वापसी

मंदसौर विस : 2008 में कांग्रेस हारी। नाथूलाल कामराज अधिकृत प्रत्याशी के बसपा के टिकट पर लड़े। 6 साल के लिए निष्कासित, सालभर में वापसी।

नीमच विस : 2008 में कांग्रेस हारी। प्रदेश सचिव रहते उमरावसिंह निर्दलीय लड़े और खुद हारे। 2009 में वापसी ।

जावद विस : 2013 में कांग्रेस हारी। राजकुमार अहीर निर्दलीय लड़े। 6 साल के लिए निष्कासित, 2 साल में वापसी।

दशरथ राठौर : 2015 के नपा चुनाव में वार्ड 12 से निर्दलीय लड़े। खुद भी हारे पार्टी उम्मीदवार भी। कांग्रेस ने मंदसौर मंडलम में अध्यक्ष बनाया।

‘आशिया पर विचार नहीं ’

साल 2010 में जिला पंचायत उपाध्यक्ष निर्वाचित हुई आशिया बी ने 2013 में मंदसौर से बागी होकर चुनाव लड़ा। 6 साल का निष्कासन जारी हुआ। अब तक वापसी की चर्चा नहीं हुई है।

प्रदेश संगठन तय करेगा

निलंबन समाप्त किए जाने को लेकर अब तक किसी तरह के निर्देश नहीं मिले हैं। प्रदेश संगठनस्तर से ही निर्णय होते हैं। -प्रकाश रातड़िया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मंदसौर

लेटर मिला, कालूखेड़ा दिला चुके हैं सदस्यता’

जिपं व कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्रसिंह गाैतम 2009 में मंदसौर लोकसभा से बागी चुनाव लड़े थे। मीनाक्षी नटराजन अधिकृत प्रत्याशी थी, वे जीतीं। गौतम 6 साल के लिए निष्कासित हुए थे, अवधि 2015 में पूरी हो गई। 15 मई 2017 को गौतम को पीसीसी से सदस्यता भी मिली। 27 दिसंबर 2016 को कालूखेड़ा ने सार्वजनिक तौर पर सदस्यता दिलाई लेकिन जिला कांग्रेस कुछ भी बोलने को तैयार नहीं।

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