12वीं में टॉप करने वाले जिलेभर के 700 विद्यार्थियों को 4 महीने के बाद भी ना तो स्कूटी दी ना ही लैपटॉप, सम्मान तक नहीं मिला

Mandsour News - 700 से ज्यादा विद्यार्थी - जिले में 12वीं उत्तीर्ण कर 75 फीसदी अंक लाने विद्यार्थियों की संख्या 700 से ज्यादा है। इसी तरह...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:30 AM IST
Garoth News - mp news 700 students from all over the district who topped 12th did not even get scooty nor laptop even after 4 months
700 से ज्यादा विद्यार्थी - जिले में 12वीं उत्तीर्ण कर 75 फीसदी अंक लाने विद्यार्थियों की संख्या 700 से ज्यादा है। इसी तरह प्रदेश की मेरिट में 1 व जिले की मेरिट सूची में 8 विद्यार्थी हैं। इन्हें प्रोत्साहन राशि मिलने व दोपहिया वाहन देने के लिए शासन स्तर से अभी तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं।

विद्यार्थियों के लिए प्रदेश सरकार ने वचन-पत्र में किया था वादा अब तक अधूरा

पिछले साल तक लैपटॉप के 25 हजार रु. देते थे

भास्कर संवाददाता | मंदसौर

12वीं की परीक्षा में प्रदेश व जिले की मेरिट में स्थान बनाने वाले छात्रों को आज तक शासन स्तर से मिलने वाले सम्मान के साथ लैपटाॅप व दोपहिया वाहन का इंतजार हैं। ऐसे विद्यार्थियों ने स्नातक कक्षाओं में प्रवेश लेकर पढ़ाई भी शुरू कर दी है। हैरानी इस बात की है कि शासन स्तर पर कांग्रेस सरकार ने अब तक मेरिट में शामिल विद्यार्थियों को यह सम्मान राशि देने के लिए कोई कार्रवाई तक शुरू नहीं की। नए शिक्षण सत्र के दाे माह निकल चुके हैं। इससे विद्यार्थियों में निराशा है।

पूर्व में भाजपा सरकार द्वारा 2018 तक 12वीं के परिणाम में 75 फीसदी या इससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को 25 हजार रुपए लैपटाॅप के लिए दिए जाते थे। यही नहीं शासन 12वीं के परिणाम में प्रदेश की मेरिट लिस्ट में शामिल बच्चों का शासन स्तर पर सम्मान भी करता था। इसके लिए जुलाई में ही बच्चों को भोपाल बुलाया जाता है। इसी तर्ज पर कांग्रेस ने अपने वचन-पत्र में 12वीं में 70 फीसदी या इससे अधिक अंक लाने वाले सभी विद्यार्थियों को लैपटॉप तथा जिले की मेरिट में शामिल टॉप 10 विद्यार्थियों को दोपहिया वाहन देने का वादा किया था। प्रदेश में कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 15 मई को घोषित कर दिया गया था। 4 माह का समय निकल जाने के बाद भी अब तक ना तो प्रदेश की मेरिट लिस्ट में शामिल विद्यार्थियों को शासन स्तर पर कोई सम्मान दिया गया और ना ही प्रोत्साहन राशि। यहां तक कि अभी तक इसके लिए प्रक्रिया शुरू नहीं की है।

अब तक शासन स्तर से कोई प्रक्रिया भी शुरू नहीं

मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत करने के लिए शासन स्तर से प्रक्रिया शुरू की जाती है। शासन बोर्ड से लिस्ट लेकर जिला शिक्षा विभाग को देता हैं। जिला शिक्षा अधिकारी विद्यार्थियों के सत्यापन के साथ लिस्ट में आवश्यक दस्तावेज की पूर्ति करते हैं। मसलन विद्यार्थियों के बैंक खाते, पता, स्कूल आदि का नाम। इस पूरी प्रक्रिया में एक माह का समय लग जाता है। जिला स्तर से अभी तक किसी प्रकार की जानकारी एकत्रित करने के लिए कोई पत्र या सूचना नहीं दी गई।

विद्यार्थियों को सम्मान दिलाएंगे -
विद्यार्थी बोले- प्रतिभाओं का सम्मान तो होना चाहिए

मंदसौर निवासी छात्रा चांदनी कल्याणी, रिया बोरदिया सहित गरोठ के शाइन कुरैशी, आंचल र|ावत, दीक्षिका चौहान, सोनाली धनोतिया ने बताया कि टॉपर विद्यार्थियों को शासन प्रोत्साहित करने के लिए उपहार स्वरूप कुछ देता है तो अच्छा लगता है। हमारे परिजन, रिश्तेदार व जूनियर स्टूडेंट्स के मन में भाव रहता है कि सरकार ने पिछले साल टॉपर्स को प्रोत्साहित किया, इस बार क्यों नहीं। ऐसे में कई स्टूडेंट्स किस्मत को दोष देने लगते हैं। वैसे प्रतिभाआें का सम्मान किया जाना चाहिए।

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