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- Mandsour News Mp News A Month Ago Caught Tractor Filled With Sand Trolleys The Department Of Minerals Gave Up A Fine Of 10 10 Thousand Rupees
एक माह पहले पकड़ी रेत से भरी ट्रैक्टर- ट्राॅलियां खनिज विभाग ने 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर छोड़ दी
कार्रवाई ठेकेदार पर हाेना थी वाहन मालिकों पर की
9 फरवरी को मंदसौर तहसीलदार-नायब तहसीलदार ने सीतामऊ फाटक से रेत से भरे 9 ट्रैक्टर-ट्राॅली पकड़े थे। इनके पास से अधिकृत ठेकेदार द्वारा जारी फर्जी राॅयल्टी की रसीदें मिली थी। अधिकारियों ने मजिस्ट्रियल जांच को बदल दिया। 10-10 हजार रुपए का जुर्माना ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं की।
मजिस्ट्रियल जांच में विभाग द्वारा बदलाव किया जाना सामने आया है। कार्रवाई तहसीलदार नारायण नांदेड़ा और नायब तहसीलदार मृणालिनी तोमर ने की थी। सीतामऊ फाटक से रेत से भरी 9 ट्रैक्टर-ट्राॅलियां पकड़कर नई आबादी थाने में खड़ी की थी। जांच में अधिकृत ठेकेदार और शामगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दूलेसिंह पंवार के भगवती कंस्ट्रक्शन द्वारा जारी फर्जी रॉयल्टी की रसीदें वाहन चालकों के पास से मिली थी, जबकि रॉयल्टी की रसीदें ऑनलाइन निकलती है। जाे ट्रैक्टर चालकों के पास रेत परिवहन के समय होना अनिवार्य है। इस पर कार्रवाई के लिए तहसीलदार ने अपनी मजिस्ट्रियल जांच का प्रतिवेदन एसडीएम अंकिता प्रजापति को दिया। एसडीएम के प्रतिवेदन पर खनिज विभाग ने जांच की। इसके बाद कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन एसडीएम के माध्यम से कलेक्टर को भेजा। कलेक्टर ने सभी 9 ट्रैक्टर-ट्रालियांें पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना तय किया। इस प्रक्रिया में 25 दिन का समय लगा। 25 दिन तक ट्रैक्टर मालिक किसान विभागों के चक्कर काटते रहे। यह ट्रैक्टर मालिक रॉयल्टी की राशि भगवती कंस्ट्रक्शन को जमा करा चुके थे। असल में कार्रवाई ठेकेदार पर होना थी लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होकर कांग्रेस का नेता ठेकेदार है।
मजिस्ट्रियल जांच में था फर्जी रॉयल्टी रसीदों का उल्लेख
रेत रॉयल्टी घोटाले को लेकर भास्कर ने कलेक्टर मनोज पुष्प, खनिज अधिकारी मेजर जमरा को सवाल भेंजे। खनिज अधिकारी ने व्यस्तता बताकर जल्द अवगत कराने की बात कहीं। इधर, तहसीलदार नारायण नांदेड़ा ने बताया कि ट्रैक्टर-चालकों के पास से जो ठेकेदार द्वारा जारी फर्जी रॉयल्टी की रसीदें मिली थी। उनका उल्लेख प्रतिवेदन में किया था।