तीन बेटियां होने पर पति ने निकाल दिया था घर से, न्यायाधीश की समझाइश पर फिर एक हुए

Mandsour News - जिला न्यायालय मंदसौर सहित तहसील न्यायालय गरोठ, भानपुरा, नारायणगढ़, सीतामऊ में शनिवार काे लाेक अदालत लगी। जिला...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:25 AM IST
Mandsour News - mp news after having three daughters the husband had fired from the house then the judge was reconciled
जिला न्यायालय मंदसौर सहित तहसील न्यायालय गरोठ, भानपुरा, नारायणगढ़, सीतामऊ में शनिवार काे लाेक अदालत लगी। जिला मुख्यालय पर एडीआर भवन सभाकक्ष में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तारकेश्वरसिंह ने इसका शुभारंभ किया। लोक अदालत में कोर्ट में लंबित 3877 में से 496 प्रकरण तथा 7221 प्रीलिटिगेशन में से 697 प्रकरणों का आपसी समझौते से निराकरण हुआ। इसमें 12 लाख 61 हजार 45 रुपए का अवाॅर्ड पारित की गई। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा संबंधी 51 प्रकरण का निराकरण कर 1 करोड़ 66 लाख 61 हजार का अवाॅर्ड, चैक बाउंस के 227 प्रकरणों के निराकरण में 2 करोड़ 64 लाख 35 हजार 325 का अवाॅर्ड पारित किया। नगर पालिका के 912 प्रकरण का निराकरण कर 22 लाख15 हजार 585 रुपए की वसूली की गई।

जिला न्यायालय परिसर में लोक अदालत के दौरान प्रकरणों का निराकरण करने पहुंचे पक्षकार।

60 लाख 59 हजार का मोटर दुर्घटना दावा पारित

पीड़िता रेखा बाई द्वारा पति की वाहन दुर्घटना में मौत होने पर दुर्घटना सहायता राशि के लिए एनएस बघेल, प्रथम अतिरिक्त सदस्य मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के समक्ष वाहन के स्वामी, ड्राइवर व न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के विरूद्ध दावा किया। उक्त दावे में 51 लाख 68 हजार 577 रुपए मय ब्याज देने का आदेश हुआ। लेकिन बीमा कंपनी के द्वारा निष्पादन के दौरान राशि जमा नहीं की गई। लोक अदालत में बीमा कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक ने 60 लाख 59 हजार 119 रुपए का चेक मृतक की प|ी व बच्चों को अदा किया गया।

कुटुम्ब न्यायालय में एक रहने को राजी हुए दंपती

कुटुम्ब न्यायालय में तलाक के 4 मामलों में पति प|ी के बीच समझौता कराया। पहला मामला परवीन पिता मुबारिक निवासी मुल्तानपुरा का है। परवीन का निकाह जावेद निवासी इंदौर के साथ हुआ। तीन लड़कियां होने पर जावेद ने मारपीट कर परवीन को घर से निकाल दिया था। दोनों का परिवार न टूटे इसलिए अभिभाषकों ने उन्हें लोक अदालत में प्रधान न्यायधीश लखनलाल गर्ग के समक्ष पेश किया। यहां दोनों के बीच समझौता हो गया। दूसरा मामला मंदसौर निवासी हेमा चौहान का विवाह महू निवासी सचिन के साथ हुआ। विवाह के बाद आपसी झगड़े के चलते मनमुटाव हो गया। इस चलते सचिन ने हेमा के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया था। मामले में डीजे तारकेश्वरसिंह ने समझाइश देकर समझौता कराया। तीसरा मामला बड़ौदा निवासी मोना पति हितेश परमार का घरेलू हिंसा का था। दोनों को एक दूसरे शक्ल देखना भी पसंद नही थी, प्रकरण में न्यायाधीश मंजूसिंह, तेशना जैन, वैशाली पटेल, अभिभाषक एके मंसूरी, भावना कुमावत व अनामिका जैन ने समझाइश देकर समझौता करवाया। इसी तरह नीता ने अपने पति बाड़मेर राजस्थान निवासी जितेंद्र एवं उसके पिता के विरूद्ध प्रकरण न्यायालय में लगाए। इसमें बाड़मेर से जितेंद्र को पेशी करने के लिए परेशानी होती थी, वह शारीरिक रूप से बीमार व कमजोर था। प्रधान न्यायाधीश लखनलाल गर्ग, अभिभाषक कैलाशचंद्र शर्मा ने राजीनामा कर दोनों के बीच मध्यस्थता की। इसके बाद दोनों ने स्नेह पूर्व गिले शिकवे भूल कर जीवन भर साथ रहने का निर्णय किया।

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