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सुरक्षा एजेंसी बिना जांच तय करना पड़ा महंगा, एक माह का 1.25 लाख रु. थमाया बिल

एक वर्ष पहले
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पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंधन दो साल से निजी सुरक्षा एजेंसी की शिकायतों के चलते स्थायी हल नहीं निकाल पाया है। दो माह पहले बिना टेंडर के निजी सुरक्षा एजेंसी काे नियुक्त किया। एजेंसी ने एक माह का बिल ही 1.25 रुपए लाख का थमा दिया। यह प्रबंधन काे महंगा पड़ रहा है। इसके चलते प्रबंधन ने अब नई एजेंसी के लिए टेंडर जारी किए हैं। समिति 3 साल के लिए निजी सुरक्षा व्यवस्था रखने की बात कर रही है।

पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति ने लगातार विवादों के चलते जनवरी में टेंडर निकाले। इसमें 10 एजेंसियों ने रुचि दिखाई। प्रबंधन ने उन्हें कार्य नहीं देते हुए अन्य एजेंसी को सुरक्षा का जिम्मा सौंपा जिससे अब तक कोई अनुबंध नहीं हुआ हैं। पहले रखी सुरक्षा एजेंसी द्वारा पांच गार्डों का बिल मात्र 45 हजार रुपए आ रहा था। नई व्यवस्था करने के बाद ठेकेदार ने 1 माह का 10 गार्डों का बिल 1.25 लाख रुपए दिया है।

दो साल में हुईं कई वारदातें :अप्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड रखने के कारण पहले भी मंदिर में कई बार चेन, मंगलसूत्र, पर्स व मोबाइल चोरी हो चुकी हैं। हाल ही में प्रबंधन ने 10 लाख रुपए से 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए हैं। अब तक चोरियां राेकने के लिए कोई भी कदम कारगर सिद्ध नहीं हो पाया है।

मंदिर में लगे निजी सुरक्षा गार्ड।


3 साल के लिए टेंडर निकाले

नारायण नांदेड़ा, तहसीलदार
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