दुर्लभ पक्षियाें के संरक्षण के लिए 31 जनवरी से फिर शुरू हाेगा सर्वे

Mandsour News - गांधीसागर अभयारण्य में पक्षियों की प्रजातियों की जानकारी के लिए पहली बार वन विभाग ने देशभर के बर्ड विशेषज्ञों से...

Dec 04, 2019, 09:40 AM IST
Mandsour News - mp news survey will be started from january 31 to protect rare birds
गांधीसागर अभयारण्य में पक्षियों की प्रजातियों की जानकारी के लिए पहली बार वन विभाग ने देशभर के बर्ड विशेषज्ञों से फरवरी में बर्ड सर्वे कराया। इसमें विभाग को गांधीसागर में 226 प्रजातियां मिलीं जिसमें 10 से ज्यादा ऐसी विशेष प्रजातियां थीं जो बहुत मुश्किल से दिखाई देती हैं। अब वन विभाग फिर 31 जनवरी से 2 फरवरी तक बर्ड सर्वे करा रहा है। विशेषज्ञों व आमजन से भी आवेदन मांगे जा रहे हैं। इच्छुक लोग 5 जनवरी तक वन विभाग कार्यालय से आवेदन लेकर जमा करा सकते हैं। इस बार होने वाले सर्वे के बाद विशेष प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्लान तैयार किए जाएंगे।

वन विभाग ने पहली बार फरवरी में गांधीसागर अभयारण्य में बर्ड सर्वे कराया। इसमें देशभर के बर्ड विशेषज्ञों ने गांधीसागर पहुंचकर सर्वे में मदद की। 4 दिन के सर्वे में देशभर के 76 बर्ड विशेषज्ञों ने गणना की। इसमें पक्षियों की 226 प्रजातियां मिलीं। इनमें आईयूसीएन की रेड डाटा बुक के अनुसार गंभीर रूप से विलुप्त प्रजातियां जैसे लांग बिल्ड वल्चर, रेड हेडेड वल्चर, व्हाइट रुम्पड वल्चर, इजिप्शियन वल्चर, स्टेप इगल, असुरक्षित प्रजातियां जैसे सारस क्रेन, कॉमन पोचार्ड, वोली नेक्ड स्ट्रोक आदि गांधीसागर अभयारण्य में पाई गईं। इसके साथ कई पक्षियों की प्रजातियां एेसी मिलीं जो हिमालय से यहां आई हुई थीं। इनमें से कितनी प्रजातियां यहां स्थायी हंै व कितनी प्रवासी हैं, प्रवासी प्रजातियां कहां से व कितने समय के लिए आती हैं, इसके पैटर्न की जानकारी एकत्र करने के लिए वन विभाग द्वारा 31 जनवरी से 2 फरवरी तक वापस सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए वाइल्ड लाइफ एंड नैचर कंजरवेंसी के स्वप्निल फणसे द्वारा देश के बर्ड विशेषज्ञों से आवेदन भी प्राप्त किए जा रहे हैं। मंगलवार को करीब 8 से 10 विशेषज्ञों ने सहमति पत्र भी दे दिया। सर्वे में शामिल होने के लिए विशेषज्ञों के साथ आम लोग भी जा सकते हैं। इसके लिए वन विभाग से आवेदन लेकर फाॅर्म भर सकते हैं।

इस सर्वे से स्थिति होगी साफ

फणसे ने बताया कि पूर्व में किए सर्वे में मिली कई प्रजातियां बाहर से आने वाली थीं। अब किए जाने वाले सर्वे व पूर्व के सर्वे का आकलन कर पक्षियों की स्थिति का डाटा मिलेगा। तुलना के बाद पता चलेगा कि कितनी प्रजातियां यहां स्थायी हैं व कितनी बाहर की हैं जो कभी-कभी ही आती हैं। उनमें से विलुप्त प्राय: प्रजातियों को बचाने के लिए प्रयास शुरू किए जाएंगे।

पहले और दूसरे सर्वे के आकलन पर हाेगा काम

वाइल्ड लाइफ एंड नैचर कंजरवेंसी के फणसे ने बताया कि उज्जैन वन विभाग के निर्देश पर सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 5 जनवरी तक इच्छुक लोगों के आवेदन लिए जाएंगे। उसके बाद चयन किया जाएगा। 31 जनवरी से सर्वे शुरू करेंगे। पहले व दूसरे सर्वे के आकलन पर गांधीसागर में विकास व संरक्षण के प्लान बनाए जाएंगे।

काले गिद्ध की स्थिति मिली गंभीर

वन विभाग द्वारा किए गए पहले बर्ड सर्वे में ही यहां पाए जाने वाली संकटग्रस्त प्रजाति में काले गिद्ध की स्थिति काफी गंभीर है। सर्वे में चार-पांच ही काले गिद्ध पाए गए। यह पहले ही विलुप्त होने की कगार पर हैं, उसके बाद गांधीसागर में भी कम हैं। दूसरे सर्वे में भी इनकी संख्या कम होने पर संरक्षण का काम किया जाएगा।

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