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1600 करोड़ रुपए के टेंडरों पर मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल, कहा- स्थिति स्पष्ट होने तक न करें भुगतान

Mandsour News - विधानसभा चुनाव की मतगणना के एक दिन बाद मंजूर हुए जल निगम के 1600 करोड़ रुपए के टेंडरों पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:25 AM IST
Mandsour News - mp news the question raised by the chief minister on tender of rs 1600 crores said do not pay till the situation becomes clear
विधानसभा चुनाव की मतगणना के एक दिन बाद मंजूर हुए जल निगम के 1600 करोड़ रुपए के टेंडरों पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल उठाए हैं। गुरुवार को जल निगम की बोर्ड मीटिंग में उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि इन टेंडरों में आचार संहिता का पेंच तो नहीं है। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि ऐसी कोई बात नहीं है। फिर भी सीएम ने उनसे कहा कि इसे दिखवा लें। चुनाव आयोग से भी इस संबंध में मार्गदर्शन ले लें। सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा है कि जब तक इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक इनका कोई भी भुगतान न किया जाए।कमलनाथ की अध्यक्षता में जल निगम की यह पहली बैठक थी। सीएम इसके पदेन चेयरमैन होते हैं। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद कमलनाथ के हाथ में इसकी बागडोर आई है। बोर्ड मीटिंग में टेंडरों पर भी चर्चा हुई। इसमें यह बात सामने आई कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव की मतगणना 11 दिसंबर को हुई थी। इसके एक दिन बाद आनन-फानन में 12 दिसंबर को 1600 करोड़ रुपए के पांच टेंडर स्वीकृत कर दिए गए। इसे लेकर ही सीएम ने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। अधिकारियों से उन्हें बताया कि टेंडरों में प्रक्रिया का पालन किया गया है। जो टेंडर किए गए, वे विदेशी सहायता प्राप्त कार्यों के हैं। इसमें कोई परेशानी नहीं है। सीएम अधिकारियों की सफाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुए और स्थिति साफ होने तक इनके भुगतान पर रोक लगाने की बात कही।

जल निगम बोर्ड मीटिंग के साथ पीएचई की भी समीक्षा

सीएम ने जल निगम बोर्ड मीटिंग के साथ पीएचई की भी समीक्षा की। उन्होंने जल नीति और वाटर एक्ट पर गंभीरता से काम करने और इन्हें जल्द बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी सभी की मूलभूत जरूरत है। जल समस्या के स्थायी समाधान के लिए समयबद्ध कार्यक्रम बनाएं। खासतौर पेयजल योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभाग संसाधन जुटाए और अपने स्रोत विकसित करने का प्रयास करे। कमलनाथ ने ग्रामीण क्षेत्राें में नल जल योजना को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया। अभी यह केवल 12 फीसदी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए ऐसी योजनाएं बनाएं, जिससे ग्रामीणों पर भार न पड़े। उन्होंने जल प्रदाय योजनाओं को पीपीपी मोड पर चलाने के लिए विभिन्न मॉडलों का अध्ययन करने के निर्देश दिए। जल निगम को मंदसौर, नीमच व छिंदवाड़ा जिले में नई परियोजना इकाई स्थापित करने की मंजूरी भी दी गई। बैठक में पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे, मुख्य सचिव एसआर मोहंती, जल संसाधन के एसीएस एम गोपाल रेड्‌डी, वित्त विभाग के एसीएस अनुराग जैन, पीएचई के पीएस संजय शुक्ला भी मौजूद थे।

गौशाला के लिए सरकारी भूमि के उपयोग का अधिकार मिलेगा

गौशाला संचालन में रूचि रखने वाले लोगों को राज्य सरकार अब प्रोत्साहित करेगी। सीएम कमलनाथ ने मंगलवार को विभागीय समीक्षा के दौरान प्रोजेक्ट गौशाला की प्रगति की चर्चा करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था गौशाला खोलना चाहेगी, उसे शासकीय भूमि के उपयोग का अधिकार दिया जाए। उन्होंने जिला पशु कल्याण समितियों का पुनर्गठन कर ब्लॉक स्तर पर भी पशु कल्याण समिति गठित करने की बात कही।

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